एफबीआई द्वारा वांछিত भारतीय मूल का मनजीत सिंह बेदी अमेरिका के साथ धोखाधड़ी के मामले में भारत में गिरफ्तार

अमेरिका के संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) की सबसे वांछित धोखेबाजों की सूची में शामिल भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक मनजीत सिंह बेदी को भारत में गिरफ्तार कर लिया गया है। इस गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि एफबीआई निदेशक काश पटेल ने 6 सितंबर 2026 को की है। मनजीत सिंह बेदी पर अमेरिका सरकार के साथ बड़ी धोखाधड़ी करने का आरोप है। अभियोजकों के अनुसार, बेदी गिरफ्तारी से बचने के लिए भारत भाग गया था और लगभग एक साल से फरार चल रहा था।
मनजीत सिंह बेदी पर वायर फ्रॉड और फूड स्टाम्प (एसएनएपी) लाभ धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं। जांच में सामने आया है कि मार्च 2024 से जून 2025 के बीच बेदी ने वाशिंगटन के टकोमा में एक छोटी किराने की दुकान चलाई थी। इस दौरान उसने ग्राहकों को भोजन देने के बजाय ईबीटी कार्ड स्वाइप करके नकदी दी और अवैध रूप से आधी रकम खुद रख ली। अभियोजकों का अनुमान है कि इस घोटाले से अमेरिकी सरकार को कम से कम 600,000 डॉलर यानी करीब 5.6 करोड़ रुपये का चूना लगा है।
अमेरिका की एक संघीय अदालत ने 21 मई को बेदी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। बेदी पर अपनी निगरानी की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप था, क्योंकि अदालत ने उसे अपना पासपोर्ट जमा करने और वाशिंगटन राज्य में ही रहने का आदेश दिया था। एफबीआई ने बेदी की गिरफ्तारी और दोषसिद्धि में मदद करने वाली सूचना देने वाले के लिए डेढ़ लाख डॉलर तक के इनाम की घोषणा की थी।
एफबीआई निदेशक काश पटेल ने कहा है कि एजेंसी बेदी को अमेरिका वापस लाने के लिए मिलकर काम कर रही है। काश पटेल ने जानकारी दी कि ब्यूरो की नई 'मोस्ट वानेड फ्रॉडस्टर' सूची से पकड़ा गया यह पांचवां आरोपी है। इस पूरी कार्रवाई में एफबीआई, न्याय विभाग, व्हाइट हाउस फ्रॉड टास्क फोर्स और स्थानीय भारतीय अधिकारियों ने मिलकर काम किया है।