एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले भारतीय हॉकी खिलाड़ी सम्मानित, हर खिलाड़ी को मिले 51,000 रुपये

Kittu Kumari15 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले भारतीय हॉकी खिलाड़ी सम्मानित, हर खिलाड़ी को मिले 51,000 रुपये

देश का नाम रोशन करने वाले भारतीय हॉकी खिलाड़ियों और उनके कोचों के लिए दिल्ली में एक खास सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन कर पदक जीतने वाले इन दिग्गजों को उनकी कड़ी मेहनत और खेल के प्रति समर्पण के लिए 51,000 रुपये की नकद राशि देकर सम्मानित किया गया। यह पूरा आयोजन शिवत्रिनेत्र ग्रुप द्वारा किया गया, जिसका मकसद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल करने वाले खिलाड़ियों और उन्हें तराशने वाले कोचों के योगदान को सराहनीय बनाना था।

इस गरिमामय कार्यक्रम में शिवत्रिनेत्र ग्रुप के एमडी और सीईओ बिजेंडर कुमार, डायरेक्टर जोगिंदर कुमार, देवेंद्र कुमार, रोहताश और बिजनेस पार्टनर विनय राणा मौजूद रहे। साथ ही अर्जुन और द्रोणाचार्य अवार्ड विजेता हॉकी कोच प्रीतम सिवाच ने भी शिरकत की। सम्मानित होने वालों में नेहा, ज्योति रुमावट, साक्षी राणा, यशदीप सिवाच, अभिषेक नैन और सुमित शामिल थे।

मेहनत और अनुशासन की जीत

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कार्यक्रम के दौरान बिजेंडर कुमार ने खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता सालों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने जोर दिया कि भारतीय हॉकी की एक समृद्ध विरासत रही है और इन खिलाड़ियों की उपलब्धियां उस परंपरा को और मजबूत कर रही हैं। वहीं, जोगिंदर कुमार ने कहा कि एशियाई खेलों में टीम का प्रदर्शन यह दिखाता है कि टीम वर्क और निरंतर प्रयास कितने जरूरी हैं।

कोच प्रीतम सिवाच ने बताया कि इस तरह के सम्मान से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ता है और युवा खिलाड़ी अनुशासन व नियमित अभ्यास के प्रति प्रेरित होते हैं। पुरस्कार पाने वाले खिलाड़ी अभिषेक नैन ने सभी की ओर से आभार व्यक्त करते हुए कहा, "भारत का प्रतिनिधित्व करना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जीत हासिल करना हमारे लिए सबसे बड़ा सम्मान है। यह नकद पुरस्कार और पहचान हमें देश के लिए और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देगी।"

कार्यक्रम में मौजूद अन्य अतिथियों ने भी इस बात पर जोर दिया कि खेल की उपलब्धियों के पीछे न केवल खिलाड़ी, बल्कि कोच और परिवार का भी बड़ा हाथ होता है। ऐसे आयोजनों से देश के युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ेगी और वे भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन करने का सपना देखेंगे।

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