भारतीय शहरों में ट्रैफिक और बुनियादी ढांचे की बदहाली: यात्रियों की बढ़ी मुसीबतें

देश के कई बड़े शहरों में सड़क यातायात और बुनियादी ढांचे की अव्यवस्था ने आम जनता का जीना मुश्किल कर दिया है। पुणे, जयपुर और बेंगलुरु जैसे शहरों में प्रशासनिक लापरवाही और बिना तालमेल के किए गए बदलावों की वजह से हजारों लोग घंटों ट्रैफिक जाम में फंसे रहे। कहीं अचानक लगाए गए बैरिकेड्स ने रास्ता रोका, तो कहीं मेट्रो की तकनीकी खराबी ने यात्रियों को ट्रक पर चढ़ने को मजबूर कर दिया।
पुणे में 25 सितंबर 2026 की सुबह जब लोग अपने काम और बच्चों को स्कूल छोड़ने निकले, तो उन्हें अंदाजा नहीं था कि शहर की सड़कें बंद मिलेंगी। पुणे नगर निगम (PMC) और ट्रैफिक पुलिस ने बिना किसी पूर्व सूचना के तिलक रोड और लक्ष्मी रोड जैसे मुख्य रास्तों पर बैरिकेड्स लगा दिए। इस अचानक लिए गए फैसले से सुबह के रश ऑवर में भारी जाम लग गया, जिसमें स्कूली वैन और निजी गाड़ियां घंटों फंसी रहीं। स्थिति तब सुधरी जब अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर मनोज पाटिल ने हस्तक्षेप किया और दिन के उजाले में गलत तरीके से लगाए गए इन बैरिकेड्स को तुरंत हटाने का आदेश दिया।
जयपुर और बेंगलुरु में भी यात्री परेशान
वहीं जयपुर में 5 जुलाई 2026 को ट्रैफिक पुलिस ने दिल्ली और आगरा जाने वाली अंतरराज्यीय बसों के रूट में बड़ा बदलाव किया। गोविंद मार्ग से बसों को डायवर्ट कर शांति पथ और रामबाग सर्कल के रास्ते भेजा गया। हालांकि पुलिस का तर्क था कि बसों के लिए 'वन-वे' ट्रैफिक और झलाना बाईपास जैसे चौड़े रास्तों का इस्तेमाल जरूरी है, लेकिन स्थानीय लोगों ने इसका कड़ा विरोध किया। लोगों का कहना है कि रामबाग सर्कल पर पहले से ही VVIP मूवमेंट के कारण जाम रहता है, ऐसे में नए रूट से ट्रैफिक की समस्या और बढ़ जाएगी।
सबसे बदतर हालात बेंगलुरु में देखने को मिले, जहां 24 जून 2026 को 'नम्मा मेट्रो' की पर्पल लाइन में बड़ा तकनीकी फॉल्ट आ गया। कब्बन पार्क स्टेशन के पास हुई इस खराबी की वजह से मैजेस्टिक और एमजी रोड के बीच सेवाएं ठप हो गईं। शाम के पीक ऑवर्स में हजारों यात्री स्टेशन पर फंस गए। जब ऑटो और कैब मिलना नामुमकिन हो गया, तो मजबूरी में कई यात्रियों ने वहां से निकलने के लिए सड़क पर चलते ट्रकों और लोरियों पर चढ़कर सफर किया। इस घटना के बाद भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मेट्रो सेवाओं में बार-बार होने वाली खराबी की कड़ी आलोचना की है।