भारत को एआई के बढ़ने से चाहिए होंगे और अधिक डेटा सेंटर: पीसाबाजार सीटीओ

नई दिल्ली। भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के बढ़ते इस्तेमाल और अन्य काम के कारण डेटा सेंटर की मांग में तेजी आएगी। पीसाबाजार के चीफ टेक्नोलॉजी अधिकारी मुकेश शर्मा ने सोमवार को यह बात कही। नई दिल्ली में माइक्रोसॉफ्ट एआई इंफ्रास्ट्रक्चर समिट इंडिया के दौरान उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे देश की अर्थव्यवस्था आगे बढ़ रही है और एआई का विस्तार हो रहा है, हमें भविष्य में और अधिक डेटा सेंटर्स की आवश्यकता होगी। एआई के बढ़ते उपयोग के कारण कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तक पहुंच बहुत जरूरी हो गई है।
कम होगी देरी और बढ़ेगी क्षमता
मुकेश शर्मा ने बताया कि उपभोक्ताओं और व्यवसायों के पास डेटा सेंटर होने से ऐप चलाने में होने वाली देरी यानी लेटेंसी कम होगी। कम्प्यूटिंग क्षमता तक पहुंच आसान बनाने के लिए पास में डेटा सेंटर होना बहुत जरूरी है। जब हर जगह एआई का इस्तेमाल हो रहा है, तब हमें बड़ी संख्या में डेटा सेंटर्स की जरूरत है। गूगल और एडब्ल्यूएस के साथ-साथ योत्ता जैसे घरेलू ऑपरेटरों द्वारा डेटा सेंटर का विस्तार भारत की बढ़ती क्षमता की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा।
उत्पादकता और बुनियादी ढांचा
उन्होंने कहा कि भारत के पास पहले से ही मजबूत प्रतिभा आधार है और एआई बुनियादी ढांचे तक पहुंच उत्पादकता में सुधार कर सकती है। माइक्रोसॉफ्ट का नया हैदराबाद डेटा सेंटर कंपनियों को विभिन्न स्थानों पर डेटा सेंटर और आपदा से निपटने वाला बुनियादी ढांचा तैयार करने में मदद करेगा। माइक्रोसॉफ्ट के पुणे और चेन्नई के डेटा सेंटर एक ही सिस्मिक जोन में हैं, जबकि हैदराबाद अलग जोन में है। इससे ग्राहकों को लोकेशन विविधता का फायदा मिलता है।
मल्टी-क्लाउड एप्रोच
शर्मा ने यह भी बताया कि पीसाबाजार मल्टी-क्लाउड दृष्टिकोण का उपयोग करता है और हाइपरस्केल क्लाउड प्रदाताओं की सेवाओं का लाभ उठाता है। कम ट्रैफिक लेटेंसी के लिए सीधे डेटा सेंटर से कनेक्टिविटी रखी जाती है। अच्छी तरह से जुड़े डेटा सेंटर्स की उपलब्धता से व्यवसायों को मजबूत डिजिटल बुनियादी ढांचा बनाने में मदद मिलेगी।