भारी मानसून का कहर: दिल्ली-NCR समेत पूरे देश में बाढ़ और लैंडस्लाइड से जनजीवन अस्त-व्यस्त, बाढ़ का अलर्ट जारी

देशभर में इस समय भारी मानसून के कारण गंभीर स्थिति बनी हुई है, जिसमें बड़े शहरों से लेकर दूर-दराज के गांवों तक भारी बारिश, बाढ़ और लैंडस्लाइड का असर देखने को मिल रहा है। दिल्ली-NCR में लगातार बारिश और बढ़ती नदियों के जलस्तर से हालात बिगड़ रहे हैं। 9 से 10 अगस्त 2026 तक दिल्ली में पुराने रेलवे ब्रिज पर यमुना नदी का जलस्तर 204.06 मीटर दर्ज किया गया, जो 204.50 मीटर के चेतावनी निशान से केवल 44 सेंटीमीटर नीचे है, जबकि नोएडा बेस स्टेशन पर हिंडन नदी पहले ही अपने चेतावनी स्तर को पार कर चुकी है। शनिवार 8 अगस्त 2026 की सुबह तक दिल्ली में 98.7 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो पिछले दो वर्षों में अगस्त के महीने में एक दिन की सबसे भारी बारिश है, जिसके चलते राजधानी में "फ्लड अलर्ट" जारी कर दिया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली और 14 अन्य राज्यों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और यह बारिश का दौर 13 अगस्त तक जारी रहने का अनुमान जताया है।
पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश और लैंडस्लाइड का खतरा
पहाड़ी इलाकों में भी स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है, जहां हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 9 से 15 अगस्त 2026 के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जिससे लैंडस्लाइड और रास्ते बंद होने का बड़ा खतरा पैदा हो गया है। उत्तराखंड के कई जिलों में 9 से 11 अगस्त के बीच भारी बारिश के लिए "ऑरेंज अलर्ट" जारी किया गया है, जिसके कारण स्कूलों को बंद कर दिया गया है और बड़े मार्गों पर लैंडस्लाइड, पत्थरों के गिरने और मलबे के आने को लेकर चिंता बढ़ गई है। हिमाचल प्रदेश में लैंडस्लाइड और पत्थरों के गिरने के कारण प्रमुख चार-लेन हाईवे पर ट्रैफिक बाधित हो रहा है। इन पहाड़ी क्षेत्रों में नदियां उफान पर हैं, और रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे इसके किनारों पर बने घर पानी में डूब गए हैं। जम्मू-कश्मीर में इस साल 35 से अधिक बादल फटने की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिससे बाढ़ और लैंडस्लाइड की समस्या और बढ़ गई है, जबकि असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है और मरने वालों का आंकड़ा 100 को पार कर गया है।
प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य जारी
संकट से निपटने के लिए अधिकारी लगातार स्थिति को संभाल रहे हैं। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने 24/7 सेंट्रल फ्लड कंट्रोल रूम और तीन-स्तरीय यमुना अलर्ट सिस्टम को सक्रिय कर दिया है। IMD द्वारा लगातार भारी बारिश, आंधी और फ्लैश फ्लड के लिए अलर्ट जारी किए जा रहे हैं और प्रभावित क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। नेशनल ग्रीन Tribunal (NGT) ने पहले ही दिल्ली सरकार और DDA को यमुना के बाढ़ के मैदान को चिन्हित करने का निर्देश दिया था, और काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वाटर (CEEW) ने दिल्ली में अर्बन फ्लड मैनेजमेंट के लिए 30 साल के ड्रेनेज ऑडिट समेत तीन सूत्रीय मास्टर प्लान का प्रस्ताव रखा है।