भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों को नई ऊंचाई देने के लिए दिल्ली में जुटे सैन्य दिग्गज

भारत और अमेरिका के बीच रक्षा संबंधों को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से नई दिल्ली के रूजवेल्ट हाउस में एक उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। इस खास मुलाकात में दोनों देशों के शीर्ष सैन्य नेतृत्व ने हिस्सा लिया, जो भारत-अमेरिका मेजर डिफेंस पार्टनरशिप की बढ़ती रफ्तार और गहराई को दर्शाता है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में यूनाइटेड स्टेट्स पैसिफिक कमांड (USPACOM) के कमांडर एडमिरल सैमुअल पापारो और मोंटाना के गवर्नर ग्रेग गियानफोर्ट शामिल हुए। भारतीय पक्ष की ओर से चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन. एस. राजा सुब्रमण्यन और आर्मी चीफ जनरल धीरज सेठ सहित कई वरिष्ठ रक्षा अधिकारी मौजूद रहे। अमेरिकी मिशन ने इस मुलाकात को दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी की मजबूती के रूप में देखा है।
रणनीतिक सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा
एडमिरल पापारो अपनी छह दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दौरान दिल्ली पहुंचे थे। इस दौरे का मुख्य मकसद द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को और प्रगाढ़ बनाना था। अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह के साथ भी विस्तृत बातचीत की। इस बैठक में दोनों पक्षों ने रणनीतिक सहयोग को बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की और क्षेत्रीय व वैश्विक घटनाक्रमों पर अपने विचार साझा किए।
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस दौरे की अहमियत बताते हुए कहा कि एडमिरल पापारो अमेरिका के सबसे प्रभावशाली सैन्य नेताओं में से एक हैं। वे दुनिया के आधे हिस्से में फैले करीब 4 लाख सैन्य और नागरिक कर्मियों का नेतृत्व करते हैं। राजदूत गोर के अनुसार, इस बैठक में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, आर्मी चीफ और एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित जैसे वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी यह बताती है कि भारत और अमेरिका अपनी रक्षा साझेदारी को लेकर कितने गंभीर और महत्वाकांक्षी हैं।