APAC ऑफिस विस्तार में भारत और दक्षिण पूर्व एशिया सबसे आगे, कंपनियों ने बढ़ाया निवेश

Kittu Kumari15 October 20262 min read0 viewsNational
APAC ऑफिस विस्तार में भारत और दक्षिण पूर्व एशिया सबसे आगे, कंपनियों ने बढ़ाया निवेश

एशिया पैसिफिक (APAC) क्षेत्र में ऑफिस स्पेस की मांग एक बार फिर तेजी से बढ़ रही है, जिसमें भारत और दक्षिण पूर्व एशिया सबसे आगे नजर आ रहे हैं। कंपनियों ने अब अपने पोर्टफोलियो को लचीला बनाने और भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार करने पर जोर देना शुरू कर दिया है। यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब कॉर्पोरेट वर्कप्लेस मॉडल अब वापस ऑफिस-केंद्रित ढांचे की ओर लौट रहे हैं।

Colliers की '2027 एशिया पैसिफिक वर्कप्लेस इनसाइट्स' रिपोर्ट के मुताबिक, इस क्षेत्र के करीब 82 प्रतिशत संगठन अब ऑफिस-केंद्रित मॉडल पर काम कर रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि 80 प्रतिशत कंपनियों ने संकेत दिया है कि अगले 12 महीनों तक उनकी वर्कप्लेस नीतियों में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। कंपनियों का मानना है कि फिजिकल ऑफिस न केवल प्रोडक्टिविटी और बिजनेस परफॉर्मेंस बढ़ाते हैं, बल्कि यह इनोवेशन और आपसी सहयोग (collaboration) के लिए भी जरूरी हैं।

टैलेंट और तकनीक बढ़ा रहे हैं डिमांड

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भारत और दक्षिण पूर्व एशिया के करीब 34 प्रतिशत संगठन सक्रिय रूप से अपने ऑपरेशन्स का विस्तार कर रहे हैं। इस ग्रोथ के पीछे मुख्य कारण लागत कुशलता (cost efficiency) और कुशल पेशेवरों की उपलब्धता है। Colliers इंडिया के ऑफिस सर्विसेज के मैनेजिंग डायरेक्टर अर्पित मेहरोत्रा ने बताया कि भारत APAC क्षेत्र में एक हाई-ग्रोथ मार्केट बना हुआ है। यहाँ कंपनियां ऑफिस को केवल काम करने की जगह नहीं, बल्कि टैलेंट को आकर्षित करने और बिजनेस परफॉर्मेंस सुधारने के एक रणनीतिक टूल के रूप में देख रही हैं।

रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि भारत और दक्षिण पूर्व एशिया के 21 प्रतिशत ऑक्यूपायर अब हाई-क्वालिटी ऑफिस स्पेस में अपग्रेड करने या अपने मौजूदा ऑफिस को फिर से कॉन्फ़िगर करने पर ध्यान दे रहे हैं। वहीं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर यह गलतफहमी थी कि इससे ऑफिस स्पेस की जरूरत कम होगी, लेकिन सर्वे के नतीजे कुछ और ही कहते हैं। AI की वजह से नई तकनीकी भूमिकाएं पैदा हो रही हैं, जिससे अलग तरह के वर्कप्लेस फॉर्मेट और टेक्नोलॉजी-इनेबल्ड एनवायरमेंट की मांग बढ़ी है।

हालांकि, कंपनियों के लिए खर्च एक बड़ी चुनौती है। करीब 75 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि ऑक्यूपेंसी खर्च उनके ऑपरेशनल फैसलों में एक बड़ा कारक होता है। इसके बावजूद, कंपनियां अपने ऑफिस स्पेस को कम करने के बजाय उसे ऑप्टिमाइज़ करने को प्राथमिकता दे रही हैं। Colliers के एशिया पैसिफिक मैनेजिंग डायरेक्टर माइक डेविस के अनुसार, अब सवाल यह नहीं है कि कर्मचारियों को ऑफिस आना चाहिए या नहीं, बल्कि यह है कि ऑफिस का माहौल प्रोडक्टिविटी और बिजनेस ग्रोथ में कैसे योगदान दे सकता है।

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