भारत का रियल एस्टेट बाजार मजबूत, 2026 में खरीदारों की मांग में बड़ा बदलाव

Kittu Kumari28 September 20263 min read3 viewsNational
भारत का रियल एस्टेट बाजार मजबूत, 2026 में खरीदारों की मांग में बड़ा बदलाव

28 सितंबर 2026 के आंकड़ों के अनुसार, भारत का रियल एस्टेट सेक्टर एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। रेजिडेंशियल और कमर्शियल दोनों सेक्टरों में मजबूत मांग और खरीदारों की बदलती पसंद साफ नजर आ रही है। इस लेख में हम देश भर के प्रॉपर्टी बाजार के ताजा आंकड़ों और रुझानों के बारे में जानेंगे।

  • शीर्ष सात शहरों में Q1 2026 के दौरान आवासीय बिक्री 70,631 यूनिट रही, जो पिछले साल से 8 प्रतिशत अधिक है।
  • ₹1 करोड़ और उससे अधिक कीमत वाली संपत्तियों की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 71 प्रतिशत हो गई है।
  • H1 2026 में ऑफिस लीजिंग का आंकड़ा 4.55 करोड़ वर्ग फीट तक पहुंच गया, जो अब तक का सबसे बड़ा अर्ध-वार्षिक रिकॉर्ड है।

देश भर में आवासीय संपत्ति बाजार का हाल

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2026 की पहली तिमाही (Q1) में देश के शीर्ष सात शहरों में कुल 70,631 आवासीय यूनिट्स की बिक्री दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 8 प्रतिशत की सालाना वृद्धि को दिखाता है। इस दौरान ₹1 करोड़ और उससे अधिक कीमत वाली प्रॉपर्टीज ने बाजार का 71 प्रतिशत हिस्सा हासिल किया, जबकि पिछले साल यह हिस्सा 59 प्रतिशत था। Q3 2026 के अंत तक, कुल आवासीय इन्वेंट्री लगभग 6.31 लाख यूनिट तक पहुंच गई, जिसमें सालाना आधार पर 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

दिल्ली एनसीआर में बाजार के उतार-चढ़ाव

दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में बाजार के आंकड़ों में विशेष उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। H1 2026 के दौरान इस क्षेत्र की कुल बिक्री का मूल्य 24 प्रतिशत घटकर ₹68,217 करोड़ रह गया और यूनिट वॉल्यूम में भी 9 प्रतिशत की गिरावट के साथ यह 24,600 यूनिट्स पर आ गया। क्षेत्र में औसत टिकट साइज 16 प्रतिशत घटकर ₹2.77 करोड़ हो गया, जो H1 2025 में ₹3.31 करोड़ था। इसके बावजूद, प्रमुख शहरों में एनसीआर ने सबसे अधिक 12 प्रतिशत की वार्षिक आवासीय मूल्य वृद्धि दर्ज की। Q3 2026 में एनसीआर की बिक्री 13,765 यूनिट्स दर्ज की गई, जो साल-दर-साल 1 प्रतिशत की मामूली गिरावट है, हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में 12 प्रतिशत की बड़ी गिरावट के साथ 8,090 यूनिट्स रहने का भी अनुमान लगाया गया है। इस साल की पहली छमाही में डेवलपर्स ने एनसीआर में रिकॉर्ड 35,000 यूनिट्स लॉन्च किए।

कमर्शियल रियल एस्टेट और ऑफिस लीजिंग में रिकॉर्ड तेजी

कमर्शियल रियल एस्टेट सेक्टर ने भी नए मील के पत्थर छुए हैं। CBRE की रिपोर्ट के अनुसार H1 2026 में 4.55 करोड़ वर्ग फीट ऑफिस एब्जॉर्प्शन दर्ज किया गया, जो अब तक का सबसे अधिक अर्ध-वार्षिक आंकड़ा है। इस अवधि के दौरान ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) ऑफिस लीजिंग के मुख्य चालक बने रहे, जिनकी हिस्सेदारी 43 प्रतिशत रही। Q1 2026 में, दिल्ली एनसीआर ने 28 लाख वर्ग फीट सकल लीजिंग दर्ज की, जिसमें गुरुग्राम का योगदान 60 प्रतिशत और नोएडा का 37 प्रतिशत रहा। इसी तरह, H1 2026 में रिटेल लीजिंग में साल-दर-साल 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 3.9 मिलियन वर्ग फीट तक पहुंच गया।

विशेषज्ञों की राय और नए प्रोजेक्ट्स

उद्योग के दिग्गज जीवन शैली से जुड़ी निवेश प्राथमिकताओं में बदलाव की ओर इशारा कर रहे हैं। एम्बिएंस ग्रुप के निदेशक अर्जुन गहलोत ने बताया कि खरीदार अब स्पेस, प्लानिंग और पर्यावरण की गुणवत्ता को प्राथमिकता दे रहे हैं। लैंडमार्क ग्रुप के संस्थापक और अध्यक्ष संदीप छिल्लर ने ग्रेड-ए ऑफिस की मांग और आवासीय बुनियादी ढांचे के बीच तालमेल पर जोर दिया। इस बीच, ट्रेहॉन् आयरिस के अभिषेक ट्रेहॉन् ने नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे पर डेटा सेंटर के विस्तार को विकास का मुख्य उत्प्रेरक बताया। इसके अलावा, एग्रेंट रियल्टी वर्तमान में अपने गुरुग्राम पदचिह्न का विस्तार कर रही है, जबकि नोएडा में गुलशन डायनेस्टी और गुरुग्राम में एपेरियन द्वारा द ट्रिलियन जैसे प्रोजेक्ट्स लग्जरी लिविंग के लिए नए मानक स्थापित कर रहे हैं। JLL, अनारोक, प्रॉपइक्विटी और कुश्म एंड वेकफील्ड जैसी फर्मों ने भी अतिरिक्त इनपुट दिए हैं, जिसमें कुश्म एंड वेकफील्ड ने उल्लेख किया है कि दिल्ली एनसीआर स्वस्थ लीजिंग गतिविधि के साथ-साथ उच्च रिक्ति दरों से जूझ रहा है।

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