भारत का रियल एस्टेट बाजार: आवासीय और कमर्शियल सेक्टर में जबरदस्त तेजी

Kittu Kumari28 September 20262 min read3 viewsNational
भारत का रियल एस्टेट बाजार: आवासीय और कमर्शियल सेक्टर में जबरदस्त तेजी

दिल्ली एनसीआर, 28 सितंबर। भारत के रियल एस्टेट बाजार में मांग लगातार मजबूत बनी हुई है और लोग इसके लिए अधिक कीमत चुकाने को भी तैयार हैं। JLL के अनुसार, साल 2026 की पहली तिमाही में शीर्ष सात शहरों में आवासीय बिक्री 8 प्रतिशत बढ़कर 70,631 यूनिट हो गई। इसमें 1 करोड़ रुपये और उससे अधिक कीमत वाले घरों की हिस्सेदारी 71 प्रतिशत रही, जो एक साल पहले 59 प्रतिशत थी। एम्बियंस ग्रुप के निदेशक अर्जुन गहलोत का कहना है कि घर खरीदार इसे लंबी अवधि के लाइफस्टाइल फैसले के रूप में देख रहे हैं।

कमर्शियल रियल एस्टेट का विस्तार

सीबीआरई (CBRE) ने 2026 की पहली छमाही में 45.5 मिलियन वर्ग फीट ऑफिस एब्जॉर्प्शन दर्ज किया, जो अब तक का सबसे अधिक अर्ध-वार्षिक आंकड़ा है। इसमें जीसीसी (GCCs) की हिस्सेदारी लगभग 43 प्रतिशत रही। लैंडमार्क ग्रुप के संस्थापक और चेयरमैन संदीप छिल्लर का कहना है कि भारत के कमर्शियल और रेजिडेंशियल सेक्टर अब एक साथ आगे बढ़ रहे हैं और एक-दूसरे को मजबूती दे रहे हैं। गुरुग्राम इस कन्वर्जेन्स का एक बेहतरीन उदाहरण है, जहां कॉर्पोरेट बुनियादी ढांचे ने प्रीमियम क्षेत्रों में आवासीय मांग को भी बढ़ाया है।

लक्जरी और प्रीमियम घरों की मांग में बढ़ोतरी

डेवलपर्स ने भी मांग के स्वरूप में आए बदलाव पर प्रतिक्रिया दी है। JLL ने 2026 की पहली तिमाही में 1 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाले नए प्रोजेक्ट्स में 45 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की, जबकि 1.5 से 3 करोड़ रुपये के सेगमेंट में 134 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। एक्सपिरियन डेवलपर्स के उपाध्यक्ष बी.के. मलागी का कहना है कि आज का आवासीय बाजार मुख्य रूप से अंत-उपयोगकर्ताओं (end-users) द्वारा संचालित है, जहां खरीदार लोकेशन, रेंटल पोटेंशियल और निर्माण की गुणवत्ता पर ध्यान दे रहे हैं। प्रतीक ग्रुप के प्रबंध निदेशक प्रतीक तिवारी का कहना है कि खरीदारों में इस बात को लेकर अधिक स्पष्टता है कि घर में वैल्यू क्या है।

बाजार में गुणवत्ता और भरोसे पर जोर

क्रीवा और कनोडिया ग्रुप के संस्थापक डॉ. गौतम कनोडिया का कहना है कि लक्जरी आवास अब जीवन के समग्र अनुभव से जुड़ गया है। वहीं, बीडीसी ग्रुप के उपाध्यक्ष और सीआईआई कमेटी ऑन रियल एस्टेट के चेयरमैन अश्विंदर आर. सिंह का कहना है कि भारत की रियल एस्टेट की कहानी अब केवल आवास या कार्यालयों तक सीमित नहीं है, बल्कि नौकरियां कार्यालय बनाती हैं और कार्यालय आर्थिक क्लस्टर बनाते हैं। एपेक्स एक्रेजेस के संस्थापक करण खन्ना का कहना है कि बाजार में एक उल्लेखनीय बदलाव यह है कि लक्जरी और प्रीमियम आवासीय परियोजनाओं के साथ-साथ विस्तार ले रहे हाउसिंग सेगमेंट में भी लगातार गतिविधि बनी हुई है। इस प्रेस विज्ञप्ति को NewsVoir द्वारा प्रदान किया गया है।

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