भारत का पेट केयर मार्केट 2031 तक 11,000 करोड़ रुपये से अधिक होने की उम्मीद, CII समिट में हुआ खुलासा

Kittu Kumari10 August 20262 min read125 viewsNational
भारत का पेट केयर मार्केट 2031 तक 11,000 करोड़ रुपये से अधिक होने की उम्मीद, CII समिट में हुआ खुलासा

नई दिल्ली में आयोजित CII इंडिया पेटकेयर समिट 2026 में एक नई Euromonitor International रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत का पेट केयर मार्केट 2026 से 2031 के बीच 8% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ते हुए 2031 तक 11,000 करोड़ रुपये को पार कर जाएगा। इस रिपोर्ट का शीर्षक "Pet Care in India: Shaping a Resilient and Inclusive Companion Care Landscape" है। रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि इस इंडस्ट्री की अगली ग्रोथ मजबूत रेगुलेटरी नींव, बेहतर वेटरनरी क्षमता और क्लोज इकोसिस्टम कोलेब्रेशन पर निर्भर करती है। ANIDEL Science के नेतृत्व में हुई इन चर्चाओं में इन्हीं अहम मानकों पर फोकस किया गया।

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पेट फूड इंडस्ट्री और ग्रोथ के मुख्य कारण

नई दिल्ली में हुई इस समिट में देश के तमाम बड़े स्टेकहोल्डर्स शामिल हुए। न्यूज रिपोर्ट्स के हवाले से सामने आई चर्चाओं के अनुसार, अकेले पेट फूड इंडस्ट्री, जो 2024 में लगभग USD 2.4 बिलियन की थी, उसके 2033 तक बढ़कर लगभग USD 4.6 बिलियन होने की उम्मीद है (Source)। पशुपालन और डेयरी विभाग की एनिमल हस्बैंडरी कमिश्नर डॉ. नवीना बी. महेश्वरप्पा ने साइंस-बेस्ड और सस्टेनेबल विकास की जरूरत पर जोर दिया। वहीं, पीपुल फॉर एनिमल्स की चेयरपर्सन मेनका संजय गांधी ने पेट केयर सेक्टर के भविष्य और वेटरनरी एजुकेशन, पब्लिक हेल्थ, अर्बन प्लानिंग व पॉलिसी में सुधार के बीच गहरे जुड़ाव को रेखांकित किया। इसके अलावा अर्बनाइजेशन, बदलती जीवनशैली और जिम्मेदार पेट ओनरशिप के प्रति बढ़ती जागरूकता जैसे कारण साइंटिफिक न्यूट्रिशन, Preventive Healthcare और डिजिटल हेल्थ सॉल्यूशंस की मांग को बढ़ा रहे हैं।

वेटरनरी बुनियादी ढांचा और भविष्य की योजनाएं

CII नेशनल टास्क फोर्स ऑन एनिमल वेलबीइंग के चेयर डॉ. अरुण अत्रे सहित समिट के वक्ताओं ने जोर दिया कि ग्रोथ मजबूत वेटरनरी इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रोग्रेसिव पॉलिसी फ्रेमवर्क पर आधारित होनी चाहिए। इसमें वेटरनरी एजुकेशन का विस्तार करना, संस्थानों के लिए न्यूनतम मानक तय करना और विशेष सेवाओं को मजबूत करना शामिल है। इसके अलावा, AI और टेलीकंसल्टेशन जैसी तकनीकों के साथ हेल्थकेयर, डायग्नोस्टिक्स, इंश्योरेंस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नए अवसर सामने आ रहे हैं। इंडियन इम्युनोलॉजिकल लिमिटेड के डॉ. के आनंद कुमार द्वारा डिस्टेंपर वायरस और पार्वोवायरस के खिलाफ किफायती मोनोवेरिएंट टीकों की शुरुआत जैसी पहल, सेक्टर की Preventive Care के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। इन सभी चर्चाओं में पेट केयर इंडस्ट्री को एक अहम आर्थिक सेक्टर के रूप में देखा गया, जो "Make in India" पहल के तहत रोजगार, निवेश और मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ की भारी संभावनाएं पैदा करता है।

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