भारत का पहला स्वदेशी क्वांटम क्रिप्टोग्राफी प्लेटफॉर्म QuLens + CryptoBind लॉन्च

डिजिटल सुरक्षा की दुनिया में भारत ने एक बड़ी छलांग लगाई है। देश में अब साइबर हमलों और डेटा चोरी से निपटने के लिए एक बेहद आधुनिक हथियार तैयार है। ANIDEL द्वारा विकसित स्वदेशी क्वांटम क्रिप्टोग्राफी प्लेटफॉर्म QuLens + CryptoBind को आधिकारिक तौर पर पेश कर दिया गया है। यह भारत का पहला ऐसा ट्रस्ट प्लेटफॉर्म है जो क्वांटम तकनीक पर आधारित है और देश की डिजिटल संप्रभुता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
इस क्रांतिकारी प्लेटफॉर्म का अनावरण नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 'प्रगति Q-फाउंड्री 2026' कार्यक्रम के दौरान किया गया। यह आयोजन 29 और 30 सितंबर को हुआ था, जिसकी पुष्टि 9 अक्टूबर 2026 को की गई। इस पूरे प्रोजेक्ट को नेशनल क्वांटम मिशन (NQM), विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) और डेटा सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (DSCI) का पूरा समर्थन प्राप्त है।
लैब से बाजार तक का सफर
इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने नेशनल क्वांटम मिशन के विजन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य तकनीक को केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित न रखकर उसे बड़े पैमाने पर बाजार और आम उपयोग तक पहुँचाना है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव उमेश वी. वाघमारे ने भी इस बात को दोहराया कि यह फोरम लैब में तैयार समाधानों को व्यावहारिक व्यावसायिक उत्पादों में बदलने के लिए एक महत्वाकांक्षी इकोसिस्टम के रूप में काम कर रहा है।
QuLens + CryptoBind का आना इस बात का संकेत है कि भारत अब अपनी डेटा सुरक्षा के लिए विदेशी तकनीकों पर निर्भरता कम कर रहा है। यह प्लेटफॉर्म न केवल डेटा को सुरक्षित रखेगा, बल्कि भविष्य के उन खतरों से भी निपटेगा जो साधारण एन्क्रिप्शन को तोड़ सकते हैं।