SCO सिविलाइज़ेशनल डायलॉग: भारत ने पाकिस्तान को दिल्ली आने का दिया न्योता
भारत ने नवंबर 2026 में दिल्ली में होने वाले SCO सिविलाइज़ेशनल डायलॉग के लिए पाकिस्तान को आमंत्रित किया है। जानें क्या है यह कूटनीतिक पहल।

भारत ने एक बड़ी कूटनीतिक पहल करते हुए पाकिस्तान को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले पहले 'सिविलाइज़ेशनल डायलॉग फोरम' (Civilisational Dialogue Forum) में शामिल होने के लिए औपचारिक निमंत्रण भेजा है। यह आयोजन नवंबर 2026 के अंत में राजधानी दिल्ली में होगा। खास बात यह है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' की शुरुआत के बाद पहली बार भारत ने SCO (शंघाई सहयोग संगठन) के किसी कार्यक्रम के लिए पाकिस्तान के किसी वरिष्ठ अधिकारी को आमंत्रित किया है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दुशांबे में इस पहल की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निमंत्रण केवल पाकिस्तान के लिए नहीं, बल्कि संगठन के सभी सदस्य देशों को भेजा गया है। 28 अक्टूबर 2026 को भारतीय मीडिया ने इस बात की पुष्टि की कि भारत इस आयोजन के जरिए क्षेत्रीय सहयोग और सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देना चाहता है। यह फोरम 20 नवंबर से 22 नवंबर 2026 तक दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।
द्विपक्षीय विवादों से अलग बहुपक्षीय रणनीति
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की यह चाल बेहद सोची-समझी है। भारत द्विपक्षीय विवादों को अलग रखकर बहुपक्षीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करना चाहता है। SCO के ढांचे के भीतर काम करके भारत ने एक ऐसा मंच तैयार किया है, जहां बिना किसी प्रत्यक्ष राजनीतिक दबाव के क्षेत्रीय जुड़ाव संभव हो सके। चूंकि दोनों देश परमाणु शक्ति संपन्न हैं, इसलिए उनके बीच किसी भी तरह की बातचीत दुनिया भर का ध्यान खींचती है।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों पर चर्चा करना है। हालांकि, निमंत्रण भेजा जा चुका है, लेकिन अब सबकी नजरें इस्लामाबाद पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि पाकिस्तान इस निमंत्रण का जवाब कैसे देता है और किस स्तर के प्रतिनिधिमंडल को दिल्ली भेजता है।
जहाँ कुछ लोग इसे 'सॉफ्ट पावर' के प्रदर्शन और बहुपक्षीय चैनलों को खुला रखने के तौर पर देख रहे हैं, वहीं कुछ आलोचक पड़ोसी देश के पूर्ण अलगाव के पक्ष में हैं। फिलहाल, दिल्ली में तैयारियों का काम जोरों पर है और पूरी दुनिया की नजरें पाकिस्तान की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं कि क्या यह कदम क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में कोई बदलाव लाएगा।