वर्ल्ड आर्मरेसलिंग चैंपियनशिप की मेजबानी भारत के लिए बड़ा मौका: रक्षा खड़से
दिल्ली में आयोजित 47वीं वर्ल्ड आर्मरेसलिंग चैंपियनशिप को केंद्रीय मंत्री रक्षा खड़से ने देश के लिए बड़ा अवसर बताया। भारत ने अब तक 58 पदक जीते हैं।

नई दिल्ली के लीला एम्बिएंस कन्वेंशन होटल में आयोजित 47वीं वर्ल्ड आर्मरेसलिंग और 28वीं वर्ल्ड पैरा आर्मरेसलिंग चैंपियनशिप 2026 को लेकर केंद्रीय युवा मामले और खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खड़से ने काफी उत्साह जताया है। उन्होंने इस आयोजन को भारत के लिए एक "बहुत बड़ा अवसर" बताते हुए कहा कि वह देश भर में इस खेल को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
भारत में पहली बार आयोजित हो रही इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में दुनिया भर के 60 से अधिक देशों के 1,700 से ज्यादा खिलाड़ी, अधिकारी और समर्थक हिस्सा ले रहे हैं। यह आयोजन 29 अक्टूबर से 6 नवंबर 2026 तक चलेगा, जो इसे अब तक के सबसे बड़े आर्मरेसलिंग इवेंट्स में से एक बनाता है।
भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन
प्रतियोगिता के दौरान मंत्री रक्षा खड़से ने मुकाबलों को देखा और खिलाड़ियों व अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने घरेलू मैदान पर खेल रहे भारतीय और पैरा आर्मरेसलर्स को शुभकामनाएं दीं। भारत का प्रदर्शन अब तक बेहद प्रभावशाली रहा है और देश ने कुल 58 पदक अपने नाम किए हैं। इनमें 9 गोल्ड, 19 सिल्वर और 30 ब्रोंज मेडल शामिल हैं।
पदकों के विवरण पर नजर डालें तो पैरा कैटेगरी में 26, सब-जूनियर, जूनियर और यूथ कैटेगरी में 20 और मास्टर्स व ग्रैंड मास्टर्स कैटेगरी में 12 पदक जीते गए हैं।
इस चैंपियनशिप का आयोजन पीपल्स आर्मरेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (PAFI) द्वारा वर्ल्ड आर्मरेसलिंग फेडरेशन (WAF) के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। गौरतलब है कि इस इवेंट का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने किया था।
भारत में इस खेल की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2024 में मुंबई में एशियाई आर्मरेसलिंग कप और 2025 में दिल्ली में एशियाई चैंपियनशिप का सफल आयोजन हुआ, जहां भारत ने 176 पदक जीतकर दूसरा स्थान हासिल किया था। अब इस जोश को आगे बढ़ाते हुए 28 नवंबर 2026 को पुणे में 'प्रो पंजा लीग (PPL) पूनावाला गोल्ड एडिशन II' का आयोजन किया जाएगा, जिसमें वर्ल्ड चैंपियनशिप के पदक विजेता खिलाड़ी भी हिस्सा लेंगे।