भारत में अगरवुड निर्यात को बढ़ावा देने के लिए नई दिल्ली में हुआ विशेष शिखर सम्मेलन

नई दिल्ली में केमिकल एंड एलाइड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (CHEMEXCIL), पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (MoDoNER) और कन्नौज के फ्रेग्रेंस एंड फ्लेवर डेवलपमेंट सेंटर (FFDC) के सहयोग से 'Prospects & Export of Agarwood Oil from India' विषय पर एक प्रमुख इंडस्ट्री समिट का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 11 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के ले मेरेडियन में आयोजित हुआ, जिसकी रिपोर्ट अगले दिन व्यापक रूप से ANI News द्वारा प्रकाशित की गई। इस आयोजन का उद्देश्य वैश्विक अगरवुड और सुगंध उद्योग में भारत की स्थिति को मजबूत करना था।
- पूर्वोत्तर क्षेत्र से अगरवुड निर्यात को बढ़ावा देने के लिए 'रोडमैप' लॉन्च किया गया।
- मई 2026 में अगरवुड एक्सपोर्ट प्रमोशन सेल की स्थापना की गई।
- कृत्रिम रूप से उगाए गए अगरवुड चिप्स और पाउडर के वार्षिक निर्यात को बढ़ाया गया।
- असम और त्रिपुरा में संसाधन मैपिंग और जियोलॉजिकल इंडिकेशन (GI) रजिस्ट्रेशन पर काम हो रहा है।
अगरवुड निर्यात और सरकारी उपाय
इस शिखर सम्मेलन का एक मुख्य परिणाम पूर्वोत्तर क्षेत्र से अगरवुड निर्यात प्रोत्साहन के लिए एक रोडमैप लॉन्च करना था, जिसे सरकारी एजेंसियों और निर्यात परिषदों के बीच तालमेल बिठाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। सरकारी विज्ञप्तियों के अनुसार, जनवरी 2025 में 2024–2027 की अवधि के लिए कृत्रिम रूप से उगाए गए अगरवुड चिप्स और पाउडर का वार्षिक निर्यात कोटा 25,000 किलोग्राम से बढ़ाकर 151,080 किलोग्राम कर दिया गया, और वर्तमान सीमा चिप्स के लिए 151,080 किलोग्राम तथा अगरवुड ऑयल के लिए 7,050 किलोग्राम है, जिसकी अधिक जानकारी PIB India पर उपलब्ध है। अन्य पहलों में सर्टिफिकेट्स ऑफ ओरिजिन का डिजिटलीकरण, असम और त्रिपुरा में रिसोर्स मैपिंग, GI रजिस्ट्रेशन के प्रयास और अगरवुड ऑयल के लिए मानक तय करना शामिल है।
पूर्वोत्तर क्षेत्र की भूमिका और प्रमुख हस्तियां
भारत के अनुमानित 139.89 मिलियन अगरवुड पेड़ों में से लगभग 96.6% पूर्वोत्तर क्षेत्र (NER) में हैं, अकेले असम में लगभग 114.3 मिलियन पेड़ हैं। सरकार पीएम-DevINE के तहत असम और त्रिपुरा में अगरवुड क्लस्टर विकास परियोजना और अगरगार इंटरनेशनल ट्रेड एंड रिसर्च सेंटर का समर्थन कर रही है। पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास और शिक्षा राज्य मंत्री श्री सुकांत मजूमदार ने उद्योग से उन्नत तकनीकों में निवेश करने का आग्रह किया। MoDoNER के सचिव श्री कटिकिथला श्रीनिवास, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया के संदेश को पढ़ने वाले MoDoNER संयुक्त सचिव अंशूमन डे, CHEMEXCIL के अध्यक्ष डॉ. सतीश वाघ और कार्यकारी निदेशक श्री विशाल गंजू भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।