भारत के Healthcare Sector में बड़ा बदलाव: AI और Strategists संभालेंगे अस्पतालों की कमान

भारत के healthcare sector में एक बहुत बड़ा बदलाव आ रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब केवल बीमारी की पहचान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अस्पताल के कामकाज और डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म में भी तेजी से इस्तेमाल हो रहा है। इस बदलाव के कारण अब अस्पतालों की कमान केवल डॉक्टरों के हाथ में रहने के बजाय healthcare strategists के पास होगी, जो clinical priorities के साथ-साथ business, operational efficiency, financial performance और technology adoption पर भी ध्यान देंगे। Healthcare organizations पर बेहतर परिणाम देने, लागत कम करने और मरीजों को अच्छा experience देने का भारी दबाव बना हुआ है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने हाल ही में 9वें India Medical Device 2026 कार्यक्रम के दौरान 'AI in MedTech: Revolutionising Healthcare Through Artificial Intelligence' नाम से एक roadmap जारी किया है। इसमें भारत के healthcare sector में जिम्मेदारी से AI अपनाने के लिए पांच मुख्य बातों पर जोर दिया गया है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन जैसी पहलों के जरिए देश में पहले ही डिजिटल हेल्थ सिस्टम की मजबूत नींव रखी जा चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि AI स्वास्थ्य सेवाओं को लेट डायग्नोसिस से अर्ली प्रेडिक्शन और सामान्य इलाज से पर्सनल केयर तक बदल सकता है। हालांकि, इस roadmap में यह भी बताया गया है कि fragmented data, बदलते regulations और सीमित reimbursement pathways जैसी मुश्किलें भी हैं, जिनके लिए सभी पक्षों को मिलकर काम करने की जरूरत है (Source)।
Healthcare Management Programme और AI-Powered Cervical Cancer Screening
भविष्य के नेताओं को तैयार करने के लिए, Indian School of Business (ISB) Online ने Max Institute of Healthcare Management के साथ मिलकर अपने Healthcare Management Programme के Batch 24 के लिए admissions शुरू कर दिए हैं। इसके साथ ही, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के तहत आने वाले Technology Development Board (TDB) ने M/s Griva Healthcare Pvt. Ltd. के साथ मिलकर 'GrivaVision' (एक AI-powered cervical cancer screening technology) को बाजार में लाने के लिए साझेदारी की है, जिससे advanced diagnostics को ज्यादा सुलभ बनाया जा सके। इस सेक्टर में भारी निवेश और leadership में बदलाव भी देखे जा रहे हैं।
global investment firm KKR द्वारा Medicover India के अधिग्रहण जैसी बड़ी डील सामने आई है। इसके अलावा pharmaceutical, diagnostics और biologics कंपनियों में भी कई नए appointments हुए हैं, जो भारत के healthcare market की तेज ग्रोथ को दिखाते हैं।