भारत बनेगा ग्लोबल एविएशन हब, दिल्ली-मुंबई समेत 4 शहर होंगे इंटरनेशनल गेटवे: एयर इंडिया सीईओ

एयर इंडिया के सीईओ ने दिल्ली, मुंबई समेत 4 शहरों को इंटरनेशनल गेटवे बनाने और भारत को ग्लोबल एविएशन हब के रूप में विकसित करने का विजन साझा किया।

Kittu Kumari3 November 20262 min read0 viewsNational
भारत बनेगा ग्लोबल एविएशन हब, दिल्ली-मुंबई समेत 4 शहर होंगे इंटरनेशनल गेटवे: एयर इंडिया सीईओ

भारत के पास दुनिया का सबसे बड़ा एविएशन हब बनने की पूरी क्षमता है। एयर इंडिया के सीईओ तेवोलडे गेब्रेमारियम ने देश की भौगोलिक स्थिति और बढ़ते बाजार के अवसरों का हवाला देते हुए कहा कि भारत केवल एक नहीं, बल्कि कई अंतरराष्ट्रीय गेटवे विकसित कर सकता है। दिल्ली एविएशन इंडिया 2026 में बोलते हुए उन्होंने दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद को अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी के लिए प्रमुख केंद्रों के रूप में देखा।

गेब्रेमारियम का मानना है कि यदि भारत सही बुनियादी ढांचे, नेटवर्क और सेवाओं का निर्माण करता है, तो वह खाड़ी देशों (Gulf Carriers) की स्थापित एयरलाइनों को कड़ी टक्कर दे सकता है। उन्होंने इथियोपियन एयरलाइंस के अपने अनुभव का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे सही रणनीति और लंबी अवधि की योजना से उन्होंने उस एयरलाइन को चीन और अफ्रीका के बीच मार्केट लीडर बनाया था।

मुनाफे पर जोर और बेड़े का विस्तार

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एयर इंडिया के भविष्य की बात करते हुए सीईओ ने स्पष्ट किया कि फिलहाल कंपनी की सबसे बड़ी प्राथमिकता फिर से मुनाफे में लौटना है। उन्होंने स्वीकार किया कि एयरलाइन की परिचालन लागत (Operating Cost) काफी अधिक है, जिसे कम करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, "कुशलता (Efficiency) ही इस खेल की असली कुंजी है।" इसी मकसद के लिए कंपनी ने एक मल्टी-फंक्शनल टीम बनाई है जो खर्चों को कम करने पर काम कर रही है।

इसके अलावा, एयर इंडिया अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की संख्या में अपनी हिस्सेदारी वापस पाने की कोशिश कर रही है। वर्तमान में भारत के जरिए कनेक्टिंग ट्रैफिक लगभग 10 प्रतिशत है, जिसे नेटवर्क विस्तार के जरिए 50 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। सीईओ ने यह भी संकेत दिया कि कंपनी एयरबस और बोइंग से और अधिक वाइड-बॉडी विमान ऑर्डर करेगी, क्योंकि मौजूदा ऑर्डर बुक लंबी अवधि के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है।

टाटा ग्रुप के समर्थन पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि समूह एयर इंडिया की लंबी अवधि की ग्रोथ पर केंद्रित है और वे जानते हैं कि निवेश पर रिटर्न मिलने में समय लगता है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि शेयरधारकों की तुलना में वह खुद मुनाफे को देखने के लिए ज्यादा उत्सुक हैं। सीईओ के मुताबिक, बेड़े के नवीनीकरण और ट्रेनिंग सुविधाओं के जरिए जमीनी काम शुरू हो चुका है और अब चुनौती वित्तीय दबावों को संभालते हुए इन निवेशों का लाभ उठाने की है।

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