YEIDA में बनेगा भारत का पहला सोलर टेक्नोलॉजी सेंटर, IB Solar और जर्मन कंपनियां करेंगी कमाल
IB Solar और जर्मन कंपनियों ने मिलकर YEIDA में भारत का पहला सोलर टेक्नोलॉजी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने के लिए हाथ मिलाया है।

भारत अब सौर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम बढ़ाने जा रहा है। सोलर टेक्नोलॉजी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए IB Solar ने जर्मनी की दिग्गज तकनीकी कंपनियों के साथ हाथ मिलाया है। यह खास सेंटर उत्तर प्रदेश के यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में बनाया जाएगा, जो देश में अपनी तरह का पहला संस्थान होगा।
इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की नींव 'भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो (BRES) 2026' के दौरान रखी गई। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में 5 नवंबर 2026 को एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस पहल को सफल बनाने के लिए IB Solar ने Centrotherm International AG, RENA Technologies GmbH और ISC Konstanz जैसी प्रतिष्ठित जर्मन कंपनियों के साथ साझेदारी की है।
रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग के बीच मिटेगी दूरी
इस सेंटर का मुख्य उद्देश्य रिसर्च और औद्योगिक अनुप्रयोग के बीच के अंतर को खत्म करना है। यह केंद्र न केवल नए शोध और तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देगा, बल्कि विनिर्माण प्रक्रियाओं (Manufacturing Processes) को भी बेहतर बनाएगा। साथ ही, ज्ञान के आदान-प्रदान के जरिए कौशल विकास पर भी जोर दिया जाएगा।
इस पूरे प्रोजेक्ट को नेशनल सोलर एनर्जी फेडरेशन ऑफ इंडिया (NSEFI), जर्मन सोलर एसोसिएशन (BSW) और GIZ GmbH का समर्थन प्राप्त है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब भारतीय विनिर्माण क्षमता और जर्मन तकनीकी विशेषज्ञता एक साथ मिलेंगे, तो भारत की विदेशी सोलर सेल्स और बाहरी तकनीकी सहायता पर निर्भरता काफी कम हो जाएगी। इससे न केवल स्वदेशी विनिर्माण को मजबूती मिलेगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारतीय सौर क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता भी बढ़ेगी।