ई-कॉमर्स के बदलते स्वरूप पर सरकार और उद्योग दिग्गजों ने की चर्चा, नई नीतियों पर जोर
नई दिल्ली में डिजिटल कॉमर्स गठबंधन के सम्मेलन में ई-कॉमर्स नीति, रोजगार और बुनियादी ढांचे पर चर्चा हुई।

नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर एनेक्स में गुरुवार को डिजिटल कॉमर्स गठबंधन (DCC) के पहले सम्मेलन 'इनसाइड कॉमर्स: शेपिंग इंडियाज डिजिटल कॉमर्स इकोसिस्टम' का आयोजन किया गया। इस खास मौके पर सरकारी अधिकारियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भारत का ई-कॉमर्स इकोसिस्टम कैसे बदल रहा है, इस पर गहराई से मंथन किया। चर्चा का मुख्य केंद्र यह था कि कैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने ग्राहकों की खरीदारी की आदतों और बिजनेस चलाने के तरीकों को पूरी तरह बदल दिया है।
सम्मेलन के दौरान उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) के अतिरिक्त सचिव अतीश कुमार सिंह ने कहा कि ई-कॉमर्स का स्वरूप बहुत तेजी से बदल रहा है। उन्होंने जोर दिया कि सरकार और इंडस्ट्री के बीच एक रचनात्मक तालमेल होना जरूरी है ताकि ऐसी नीतियां बनाई जा सकें जो इनोवेशन यानी नवाचार को बढ़ावा दें। सिंह के मुताबिक, डिजिटल कॉमर्स में नए मॉडल और तकनीकें आ रही हैं, जिससे बिजनेस और ग्राहकों दोनों के लिए नए अवसर खुल रहे हैं, लेकिन इसके लिए नीतिगत चर्चाओं में अधिक बारीकी और स्पष्टता की जरूरत है।
रोजगार और बुनियादी ढांचे की चुनौतियों पर मंथन
कार्यक्रम में केवल बिजनेस ही नहीं, बल्कि कामगारों के भविष्य पर भी बात हुई। श्रम और रोजगार मंत्रालय के सचिव चंद्र भूषण कुमार ने अपने मुख्य भाषण में कहा कि बदलते काम के स्वरूप को देखते हुए सरकार श्रमिकों को जरूरी कौशल (स्किल्स) सिखाने और उनके सामाजिक सुरक्षा दायरे को बढ़ाने के कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे, इसके लिए सरकार, इंडस्ट्री और वर्कर्स के बीच सहयोग अनिवार्य है।
वहीं, अमेजन के पब्लिक पॉलिसी उपाध्यक्ष चेतन कृष्णस्वामी ने बताया कि डिजिटल कॉमर्स ने ग्राहकों के लिए उत्पादों और ब्रांड्स तक पहुंच को आसान बना दिया है, जिससे वे अपने स्थानीय बाजार से बाहर निकलकर नए बिजनेस खोज पा रहे हैं। उन्होंने स्थानीय उद्यमियों की ग्रोथ और ग्राहकों के फायदे के लिए सरकारी निकायों के साथ सहयोग की बात कही।
सम्मेलन में कुछ विशेष पैनल चर्चाएं भी हुईं, जिनमें मुख्य रूप से दो विषयों पर फोकस रहा:
- लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर: 'डिलिवरिंग एट स्केल' पैनल में लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और ऑपरेशन्स में सुधार पर चर्चा हुई ताकि डिलीवरी सिस्टम को और मजबूत किया जा सके।
- सस्टेनेबिलिटी: एक अन्य पैनल में रिटेल सप्लाई चेन में सस्टेनेबिलिटी और सर्कुलरिटी (पुनर्चक्रण) को बढ़ावा देने के तरीकों पर बात की गई।
डिजिटल कॉमर्स गठबंधन सचिवालय के विवान शरण ने बताया कि इस संगठन का मकसद इंडस्ट्री और नीति निर्माताओं के बीच सबूतों पर आधारित चर्चा को बढ़ावा देना है, ताकि डिजिटल अर्थव्यवस्था में छोटे व्यवसायों की भागीदारी बढ़ सके और चुनौतियों का समाधान निकाला जा सके।