भारत का कमर्शियल रियल एस्टेट बाजार नए ग्रोथ चक्र में, साल 2026 की पहली छमाही में हुई रिकॉर्ड ऑफिस लीजिंग

भारत का कमर्शियल रियल एस्टेट बाजार अब पारंपरिक ऑफिस सेंटरों से आगे बढ़कर नए इलाकों में फैल रहा है। CBRE के अनुसार, साल 2026 की पहली छमाही में ऑफिस एब्जॉर्प्शन रिकॉर्ड 45.5 मिलियन वर्ग फीट तक पहुंच गया, जो किसी भी छमाही के लिए सबसे अधिक है। केवल दूसरी तिमाही में ही 24.6 मिलियन वर्ग फीट जगह ली गई। इसके अलावा, नई सप्लाई भी रिकॉर्ड 32 मिलियन वर्ग फीट पर पहुंच गई। जीसीसी (GCC) इस मांग को बढ़ाने वाले सबसे मजबूत कारकों में बने हुए हैं। Colliers के अनुसार, जीसीसी ने H1 2026 में ग्रेड ए ऑफिस लीजिंग का 46% हिस्सा यानी 16.6 मिलियन वर्ग फीट जगह ली।
रिच ग्रुप के फाउंडर चेयरमैन हरिंदर सिंह होरा ने कहा कि सड़क संपर्क, मेट्रो विस्तार और क्षेत्रीय बुनियादी ढांचा में निवेश से गुरुग्राम और एनसीआर के बीच जुड़ाव मजबूत हो रहा है। बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) की मौजूदगी और विस्तार से यह एक पसंदीदा बिजनेस डेस्टिनेशन बनता जा रहा है। जैसे-जैसे नए कॉरिडोर में कनेक्टिविटी बेहतर हो रही है, कमर्शियल ग्रोथ पारंपरिक ऑफिस जिलों से आगे बढ़ रही है।
यह विस्तार केवल स्थापित बिजनेस सेंटरों तक सीमित नहीं है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे के उभरते कॉरिडोर भी तेजी पकड़ रहे हैं। ट्रेहान आइरिस के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अभिषेक ट्रेहान ने कहा कि डेटा सेंटर्स का विस्तार नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र के बदलाव में एक और नया आयाम जोड़ रहा है। माइक्रोसॉफ्ट, एचसीएल और टेक महिंद्रा जैसी कंपनियों ने पहले ही क्षेत्र की तकनीक और कॉर्पोरेट प्रोफाइल को मजबूत किया है, जबकि प्रमुख डेटा-सेंटर खिलाड़ियों के निवेश से इसकी डिजिटल बुनियादी संरचना को बढ़ावा मिल रहा है।
NCR के आंकड़े इस बदलते परिदृश्य को दर्शाते हैं। दिल्ली-एनसीआर में Q1 2026 में 2.8 मिलियन वर्ग फीट की सकल लीजिंग दर्ज की गई, जिसमें गुरुग्राम की हिस्सेदारी 60% और नोएडा की 37% रही। नोएडा एक्सप्रेसवे सबसे बड़ा माइक्रो-मार्केट रहा। CBRE के अनुसार, H1 2026 में रिटेल लीजिंग 3.9 मिलियन वर्ग फीट पर पहुंच गई, जो साल-दर-साल 20% अधिक है। दिल्ली-एनसीआर प्रमुख बाजारों में आगे रहा, और फैशन व अपैरल की हिस्सेदारी लगभग 40% रही।
ग्रुप 108 के प्रबंध निदेशक डॉ. Amish Bhutani ने कहा कि कब्जेदारों (occupiers) की प्राथमिकता कनेक्टिविटी, पहुंच, बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता और अच्छी तरह से नियोजित कमर्शियल स्पेस पर आधारित है। दूसरी ओर, Colliers के अनुसार, संस्थागत रियल एस्टेट निवेश H1 2026 में 50% की वार्षिक वृद्धि के साथ 4.5 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। रियलिस्टिक रियल्टर्स के क्षेत्रीय निदेशक करण मलिक ने कहा कि डेटा सेंटर्स का विस्तार एनसीआर के लिए एक लंबा विकास का रास्ता खोल रहा है, जिससे डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिल रहा है। (ADVERTORIAL DISCLAIMER: The above press release has been provided by NewsVoir. ANI will not be responsible in any way for the content of the same)