CEC ज्ञानेश कुमार का 'प्रतीकात्मक महाभियोग', दिल्ली में जुटे INDIA गठबंधन के दिग्गज
कांग्रेस और INDIA गठबंधन ने दिल्ली में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक महाभियोग लगाया। जानिए क्या हैं गंभीर आरोप।

देश की राजधानी दिल्ली में विपक्षी गठबंधन INDIA ने एक अनोखा और कड़ा विरोध प्रदर्शन किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के निवास पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का 'प्रतीकात्मक महाभियोग' चलाया गया। इस कार्यक्रम में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, पवन खेड़ा और केसी वेणुगोपाल समेत गठबंधन के तमाम बड़े नेता शामिल हुए, जिन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर रहे हैं, बल्कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के सीधे निर्देशों पर चुनाव आयोग को संचालित कर रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को होना था, लेकिन भारी बारिश की वजह से इसे स्थगित कर शनिवार को आयोजित किया गया।
लोकतंत्र और संविधान को बचाने की लड़ाई का दावा
इस प्रतीकात्मक सत्र की अध्यक्षता पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार कर रही हैं। इस आयोजन में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और वामपंथी दलों समेत करीब 21 राजनीतिक दल शामिल हैं। गठबंधन का आरोप है कि CEC ने चुनावी लोकतंत्र को व्यवस्थित तरीके से कमजोर किया है और संविधान का उल्लंघन किया है। विशेष रूप से मतदाता सूचियों के गहन संशोधन (Special Intensive Revision) में अनियमितताओं और मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
हालांकि, यह समझना जरूरी है कि इस विरोध प्रदर्शन की कानूनी मान्यता नहीं है। संवैधानिक विशेषज्ञों के अनुसार, किसी मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के जज के समान होती है, जिसमें लोकसभा के 100 या राज्यसभा के 50 सदस्यों के हस्ताक्षर वाला प्रस्ताव और संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत की आवश्यकता होती है।
विपक्षी गठबंधन अब अपनी इस मुहिम को और आगे ले जाने की तैयारी में है। इसी सिलसिले में रविवार, 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक विशाल रैली का आयोजन किया जाएगा, जहां सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की जाएगी।