चुनाव आयोग के खिलाफ रणनीति: राहुल गांधी के घर जुटे INDIA गठबंधन के नेता

वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर देश में सियासी पारा चढ़ गया है। INDIA गठबंधन की रणनीति को धार देने के लिए मंगलवार को विपक्षी नेताओं ने राहुल गांधी के आवास पर एक हाई-लेवल मीटिंग की। इस बैठक में न केवल विपक्ष के सांसद शामिल हुए, बल्कि छात्र संगठनों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया, ताकि चुनाव आयोग के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
बैठक के बाद कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने मीडिया से बात करते हुए इस पूरे आंदोलन को लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने की एक "स्वतंत्रता लड़ाई" करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की ओर से दबाव या दमन की कोशिशें की जा सकती हैं, लेकिन गठबंधन अपने शांतिपूर्ण आंदोलन पर अडिग रहेगा। खेड़ा ने कहा कि सरकार द्वारा अन्य चुनाव आयुक्तों को डराने-धमकाने की कोशिशें की जा रही हैं ताकि आयोग से एक संयुक्त बयान निकलवाया जा सके।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
INDIA गठबंधन ने अपनी मांगों में सबसे ऊपर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा रखा है। विपक्ष का आरोप है कि वे चुनावी निष्पक्षता सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल रहे हैं। यह बैठक पिछले 48 घंटों में हुई कई महत्वपूर्ण घटनाओं के बाद बुलाई गई है। गौरतलब है कि 12 अक्टूबर को राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट की ओर "लोकतंत्र मार्च" निकाला था और चुनाव आयोग के फैसलों को चुनौती देते हुए एक संयुक्त याचिका दायर की थी।
हालांकि, इस कानूनी लड़ाई में फिलहाल कुछ अड़चनें आई हैं। सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने याचिका में 14 प्रक्रियात्मक खामियां (procedural defects) बताई हैं। साथ ही, भारत के मुख्य न्यायाधीश ने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ बैठक करने के अनुरोध को यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि मामला अभी विचाराधीन है।
तनाव तब और बढ़ गया जब 12 अक्टूबर को जंतर मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थल के रूप में डी-नोटिफाई कर दिया गया, जिसके बाद आज कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं को हिरासत में लिया गया। अब सबकी नजरें गठबंधन की उस संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हैं, जिसमें भविष्य के आंदोलनों का पूरा खाका पेश किया जाएगा।