INDIA ब्लॉक ने 2 अक्टूबर से 'संविधान बचाओ मार्च' का किया ऐलान, ममता बनर्जी ने की पीएम के इस्तीफे की मांग

नई दिल्ली में हुई INDIA ब्लॉक की समन्वय बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 2 अक्टूबर से देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। यह बैठक नई दिल्ली में बुधवार को आयोजित की गई थी, जिसमें विपक्षी दलों ने मिलकर लड़ने का फैसला किया। खड़गे ने आरोप लगाया कि देश की संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है और चुनाव आयोग सरकार के प्रभाव में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल एकजुट होकर लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा करेंगे और सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाएंगे।
देशभर में विरोध प्रदर्शन और रैलियों का कार्यक्रम
INDIA ब्लॉक के नेता 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर 'संविधान बचाओ मार्च' निकालेंगे। इसके अलावा, 6 अक्टूबर को सभी विपक्षी सांसद चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे और अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात कर संस्थागत मुद्दों पर ज्ञापन सौंपेंगे। अक्टूबर और नवंबर के महीनों में पांच बड़ी रैलियां आयोजित की जाएंगी, जिसमें 1 नवंबर को दिल्ली में एक बड़ी रैली होगी। इन सभी कार्यक्रमों की रूपरेखा बैठक में तय की गई है।
ममता बनर्जी और राहुल गांधी के तीखे तेवर
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की भी मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि INDIA ब्लॉक के सभी नेता भारतीय लोकतंत्र को नष्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि देश का लोकतंत्र किसी भी व्यक्ति से बड़ा है और युवा पीढ़ी में इसके खिलाफ एक नया प्रतिरोध देखने को मिल रहा है।