इंडिया ब्लॉक का 2 अक्टूबर से 'लोकतंत्र बचाओ' मार्च का ऐलान, ममता बनर्जी ने की पीएम के इस्तीफे की मांग

नई दिल्ली में विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक की समन्वय बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयोग और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कथित खतरों के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। यह बैठक करीब साढ़े तीन घंटे तक चली जिसमें विभिन्न दलों के नेताओं ने अपने विचार रखे और मिलकर लड़ने का फैसला किया। मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है और चुनाव आयोग सरकार के प्रभाव में काम कर रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि चुनावों में गलत तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है और विपक्षी दलों के लोकतांत्रिक कामकाज में बाधा डाली जा रही है।
घोषित कार्यक्रम के अनुसार, इंडिया ब्लॉक के नेता 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर 'लोकतंत्र बचाओ मार्च' निकालेंगे। इसके अलावा, 6 अक्टूबर को सभी विपक्षी सांसद चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे और अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में विपक्षी नेता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर संस्थागत मुद्दों पर चिंता जताएंगे। अक्टूबर और नवंबर में पांच बड़ी रैलियां आयोजित की जाएंगी और 1 नवंबर को दिल्ली में एक बड़ी रैली का आयोजन किया जाएगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे तक विरोध जारी रखेगा और उन्होंने प्रधानमंत्री के इस्तीफे की भी मांग की। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने ईवीएम को हाईजैक कर लिया है और उन्होंने छात्रों, युवाओं तथा पत्रकारों से समर्थन की अपील की।
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि इंडिया ब्लॉक के नेता भारतीय लोकतंत्र को नष्ट करने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र किसी भी व्यक्ति से बड़ा है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिले। राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने लोकतंत्र को नष्ट किया है और देश के युवाओं में इसके खिलाफ एक नया प्रतिरोध देखने को मिल रहा है।