रामलीला मैदान में इंडिया ब्लॉक की रैली की तैयारी, व्यापारियों ने जताया विरोध
इंडिया ब्लॉक 1 नवंबर को रामलीला मैदान में रैली करने की तैयारी में है, लेकिन व्यापारियों ने भारी नुकसान का हवाला देकर इसे टालने की मांग की है।

दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को होने वाली एक बड़ी रैली को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान के तहत आयोजित होने वाली इस रैली की तैयारियों के लिए इंडिया ब्लॉक की अहम बैठक हो रही है। इस रैली का मुख्य उद्देश्य वोटर लिस्ट के विशेष गहन संशोधन में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाना और चुनाव में ईवीएम की जगह बैलेट पेपर के इस्तेमाल की मांग करना है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में चल रही इस चर्चा के बीच अब एक नया मोड़ आ गया है।
व्यापारियों ने जताई 10 हजार करोड़ के नुकसान की आशंका
रैली की तारीख को लेकर चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने मोर्चा खोल दिया है। CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को एक औपचारिक पत्र लिखकर इस आयोजन को 10 नवंबर (भाई दूज) के बाद तक टालने की अपील की है। व्यापारियों का तर्क है कि नवंबर की शुरुआत में धनतेरस (6 नवंबर) और दिवाली (8 नवंबर) जैसे बड़े त्योहार हैं, जो व्यापार के लिहाज से साल का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है।
व्यापारियों का दावा है कि यदि इस समय रैली होती है और रास्ते बंद किए जाते हैं, तो उन्हें करीब 10,000 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हो सकता है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि अक्टूबर में हुए पिछले आयोजनों और सड़क बंद होने की वजह से पहले ही लगभग 3,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने 25 अक्टूबर से 3 नवंबर 2026 के बीच रैली आयोजित करने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) दे दिया है। हालांकि, मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि पार्टी व्यापारियों के ज्ञापन पर विचार कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन के साथी राजनीतिक उद्देश्यों और व्यापारिक समुदाय की चिंताओं के बीच संतुलन बनाकर ही अंतिम फैसला लेंगे।
इन सबके बावजूद, कांग्रेस पार्टी अपनी रणनीति पर अडिग दिख रही है। राहुल गांधी ने छात्रों, किसानों, मजदूरों और युवाओं सहित आम नागरिकों से इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है, जिससे यह साफ है कि गठबंधन इस मुद्दे को मजबूती से उठाने के मूड में है।