INDIA गठबंधन की रैली से दिल्ली के व्यापारियों में रोष, 2000 करोड़ के नुकसान की आशंका
दिल्ली के व्यापारियों ने रामलीला मैदान में होने वाली INDIA गठबंधन की रैली का विरोध किया है। व्यापारियों का दावा है कि इससे 2000 करोड़ का नुकसान होगा।

राजधानी दिल्ली के प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों के व्यापारियों ने रामलीला मैदान में होने वाली INDIA गठबंधन की मेगा रैली का कड़ा विरोध किया है। व्यापारियों का कहना है कि दिवाली जैसे बड़े त्योहारी सीजन के दौरान शहर के बीचों-बीच इतनी बड़ी राजनीतिक भीड़ जमा होने से थोक बाजारों में कामकाज ठप हो जाएगा। ऑटोमोटिव पार्ट्स मर्चेंट एसोसिएशन (APMA) ने चेतावनी दी है कि इस रैली की वजह से व्यापार को 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय नुकसान हो सकता है।
कश्मीरी गेट स्थित एशिया के सबसे बड़े ऑटो पार्ट्स मार्केट के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि वे लोकतांत्रिक विरोध के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन रैली का समय और स्थान पूरी तरह गलत है। व्यापारियों के मुताबिक, रामलीला मैदान के 3 किलोमीटर के दायरे में चांदनी चौक, सदर बाजार, दरियागंज, मोरी गेट और कश्मीरी गेट जैसे बड़े बाजार आते हैं। अगर 10 लाख लोग यहां जुटते हैं, तो हजारों बसों और वाहनों की वजह से ट्रैफिक पूरी तरह जाम हो जाएगा, जिससे बाहरी राज्यों से आने वाले खरीदार दिल्ली आने से कतराएंगे।
दिहाड़ी मजदूरों और छोटे कामगारों पर पड़ेगा बुरा असर
APMA के पदाधिकारियों ने इस रैली के मानवीय पहलू पर चिंता जताते हुए कहा कि इसका सबसे बुरा असर शहर के सबसे गरीब तबके पर पड़ेगा। एसोसिएशन के उपाध्यक्ष रविंदर सिंह कोहली ने कहा कि कुली, पोर्टर और ठेला खींचने वाले मजदूर, जो रोजाना 200-300 रुपये कमाकर अपना घर चलाते हैं, उनकी कमाई पूरी तरह बंद हो जाएगी। जब बाहरी खरीदार डर या ट्रैफिक जाम की वजह से बाजार नहीं आएंगे, तो इन मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।
एसोसिएशन के महासचिव धर्मपाल रतरा ने बताया कि दिवाली से पहले देश भर के व्यापारी करोड़ों की खरीदारी के लिए दिल्ली आते हैं। ऐसे समय में शहर को ठप करना आर्थिक रूप से आत्मघाती होगा। व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसी रैलियों के लिए बाहरी इलाके जैसे बड़ली या बुराड़ी ग्राउंड का चयन किया जाना चाहिए ताकि आम जनता और व्यापार प्रभावित न हो।
दूसरी ओर, लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर व्यापारियों का समर्थन करते हुए कहा कि इस रैली से व्यापारियों को कोई वित्तीय नुकसान नहीं होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा व्यापारियों के बीच अफवाहें फैला रही है कि रैली से बिजनेस प्रभावित होगा।