लोकतंत्र बचाने के लिए रामलीला मैदान में जुटे विपक्षी नेता, अशोक गहलोत बोले- युवाओं के सामने बड़ी चुनौती
अशोक गहलोत और विपक्षी नेताओं ने रामलीला मैदान में लोकतंत्र बचाने के लिए रैली की, सरकार और चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप।

दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी दलों के गठबंधन 'INDIA' की एक विशाल रैली का आयोजन किया गया। इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि यह रैली केवल किसी एक पार्टी या गठबंधन की नहीं है, बल्कि यह देश के लोकतंत्र को बचाने का एक साझा मंच है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना आज की युवा पीढ़ी के लिए एक बड़ी चुनौती है और यदि अभी ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाली नस्लें उन्हें माफ नहीं करेंगी।
विपक्ष ने सरकार और चुनाव आयोग पर साधा निशाना
रैली के दौरान कांग्रेस नेता कुमारी सेलजा ने केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त पर तीखे हमले किए। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल और चुनाव आयोग ने लोकतंत्र को खतरे में डाल दिया है। सेलजा ने कहा कि जिस मुद्दे पर संसद में चर्चा और महाभियोग की प्रक्रिया होनी चाहिए थी, उसके लिए विपक्ष को मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ा। उन्होंने चुनाव आयोग में होने वाले हेर-फेर का जिक्र करते हुए कहा कि अब इस लड़ाई को जमीन पर उतारने का समय आ गया है।
इस 'चलो दिल्ली' रैली की शुरुआत सुबह 11 बजे हुई, जिसमें सांसद पहले कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में एकत्रित हुए और फिर मिंटो रोड-कनॉट प्लेस जंक्शन से रामलीला मैदान की ओर कूच किया। इस महा-रैली में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, हेमंत सोरेन, रेवंत रेड्डी, तेजस्वी यादव और अखिलेश यादव जैसे दिग्गज नेताओं के शामिल होने की उम्मीद जताई गई।
रैली के मद्देनजर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए मध्य दिल्ली के कई हिस्सों में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक ट्रैफिक प्रतिबंध और डायवर्जन लागू किए, ताकि आम जनता को आवाजाही में परेशानी न हो।