इंडिया गठबंधन की रैली: दिल्ली में 10,000 जवान तैनात, ट्रैफिक रूट बदले; सुरक्षा के कड़े इंतजाम
रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की रैली को लेकर दिल्ली में भारी सुरक्षा बल तैनात है। ट्रैफिक रूट में बदलाव किए गए हैं।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रविवार को सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। मौका है कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन की रैली का, जो रामलीला मैदान में आयोजित की जा रही है। वहीं दूसरी ओर, भाजपा ने पश्चिम दिल्ली में एक जवाबी मार्च का आयोजन किया है। इन दोनों बड़े राजनीतिक आयोजनों को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के करीब 10,000 जवानों को तैनात किया गया है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
सुरक्षा के इंतजामों की बात करें तो केवल रामलीला मैदान और मिंटो ब्रिज से रैली स्थल तक के रास्ते पर ही 4,000 से ज्यादा जवान तैनात हैं। इसके अलावा कनॉट प्लेस, जंतर मंतर, भगवान दास रोड, सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग के कार्यालयों के आसपास बहुस्तरीय बैरिकेडिंग की गई है। भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अनधिकृत जमावड़े को रोकने के लिए संवेदनशील इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू की गई है। भीड़ पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों, एआई-आधारित फेशियल रिकग्निशन सिस्टम और ड्रोन्स का इस्तेमाल किया जा रहा है।
ट्रैफिक रूट में बदलाव और एडवाइजरी
इंडिया गठबंधन की इस 'चलो दिल्ली' रैली के कारण दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मध्य दिल्ली के कई हिस्सों में ट्रैफिक प्रतिबंध और डायवर्जन लागू किए हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें और संभव हो तो मेट्रो का उपयोग करें।
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, इन प्रमुख पॉइंट्स पर आवाजाही रेगुलेट की जाएगी:
- नेताजी सुभाष मार्ग टी-पॉइंट और राजघाट
- दिल्ली गेट, आईटीओ ए-पॉइंट और अजमेरी गेट रेड लाइट
- बाराखंबा रोड पर रंजीत सिंह फ्लाईओवर
- भवभूति मार्ग-डीडीयू मार्ग रेड लाइट और झंडेवालन राउंडअबाउट
- तुर्कमान गेट और मिरदद चौक
इसके अलावा आईटीओ से दिल्ली गेट के बीच बीएसजे मार्ग, जेएलएन मार्ग, अरुणा आसफ अली रोड और मिंटो रोड जैसे इलाकों में भारी जाम लगने की संभावना है। डीटीसी बसों के संचालन में भी इन रूटों पर बदलाव किया गया है।
इस रैली में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, हेमंत सोरेन, रेवंत रेड्डी, तेजस्वी यादव और अखिलेश यादव जैसे दिग्गज विपक्षी नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। डीसीपी सेंट्रल रोहित राजबीर ने बताया कि पूरे इलाके को 200 से 250 सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखा गया है और आयोजकों के साथ समन्वय बनाकर काम किया जा रहा है।