1 नवंबर को दिल्ली में इंडिया गठबंधन की मेगा रैली, चुनाव आयोग के खिलाफ जुटेंगे 21 दल
कांग्रेस और इंडिया गठबंधन 1 नवंबर को रामलीला मैदान में चुनाव आयोग के खिलाफ रैली करेंगे। पुलिस पर बाधा डालने का आरोप।

राजधानी दिल्ली एक बार फिर बड़े राजनीतिक जमावड़े की गवाह बनने वाली है। कांग्रेस पार्टी और इंडिया गठबंधन ने आगामी 1 नवंबर को रामलीला मैदान में एक विशाल रैली आयोजित करने का फैसला किया है। इस रैली का मुख्य उद्देश्य चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और कथित चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाना है। इंडिया गठबंधन रैली दिल्ली के जरिए विपक्षी दल 'वोट चोरी' के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएंगे और केंद्र सरकार को चुनौती देंगे।
तैयारियों का जायजा लेने के लिए वरिष्ठ कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने दिल्ली के अन्य नेताओं के साथ आयोजन स्थल का निरीक्षण किया। कांग्रेस सांसद पवन खेरा ने बताया कि दिल्ली की पूरी लीडरशिप इस समय व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में लगी है। इस कार्यक्रम में न केवल इंडिया गठबंधन के सहयोगी दल, बल्कि देशभर से बड़ी संख्या में लोग हिस्सा लेंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि इस मेगा शो ऑफ स्ट्रेंथ में करीब 21 राजनीतिक दल शामिल होंगे।
पुलिस पर लगाया बाधा डालने का आरोप
रैली की तैयारियों के बीच कांग्रेस ने पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महासचिव केसी वेणुगोपाल का कहना है कि 1 नवंबर की मुख्य रैली से पहले 30 अक्टूबर को एक छोटा कार्यक्रम (कर्टन रेजर) आयोजित करने की योजना थी, लेकिन पुलिस ने इसमें अड़ंगा डाला। वेणुगोपाल के मुताबिक, पार्टी ने पहले अशोक होटल के लॉन में कार्यक्रम के लिए अनुमति मांगी थी, जिसे पुलिस हस्तक्षेप के बाद खारिज कर दिया गया। इतना ही नहीं, उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने दूसरे आयोजन स्थल पर बुनियादी ढांचा खड़ा करने से भी पार्टी कार्यकर्ताओं को रोका।
कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने और चुनावी रोल से जुड़ी गड़बड़ियों पर सवाल उठाने से रोकने की कोशिश कर रही है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस दबाव के आगे नहीं झुकेंगे और उन्हें पता है कि कार्यक्रम को कैसे संचालित करना है। पार्टी अब अपनी अगली रणनीति और कार्रवाई की घोषणा जल्द ही करेगी।