CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग: 1 नवंबर को रामलीला मैदान में जुटेगा इंडिया गठबंधन
इंडिया गठबंधन 1 नवंबर को रामलीला मैदान में बड़ी रैली करेगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन होगा।

चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक विशाल विरोध रैली आयोजित करने का फैसला किया है। कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि यह निर्णय गठबंधन के सभी सहयोगी दलों की आपसी सहमति से लिया गया है।
इस पूरे विवाद की जड़ 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) प्रक्रिया है, जिसका देशभर में कड़ा विरोध हो रहा है। विपक्षी दलों और नागरिक समाज का आरोप है कि इस प्रक्रिया के कारण मतदाता सूचियों से करीब 13 करोड़ नाम हटा दिए गए हैं। उनका दावा है कि इस कार्रवाई का सबसे ज्यादा असर महिलाओं, मुस्लिमों और समाज के हाशिए पर रहने वाले समुदायों पर पड़ा है। इसी आक्रोश के चलते 23 अक्टूबर को भी दिल्ली के केंद्र में करीब 500 प्रदर्शनकारियों और 200 से अधिक संगठनों ने 'पीपल अगेंस्ट SIR' के बैनर तले मार्च निकाला था।
रैली की तैयारी और बढ़ता विरोध
सांसद जेबी माथर ने गठबंधन के भीतर किसी भी तरह की फूट की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग के मौजूदा कामकाज के खिलाफ पूरा विपक्ष एकजुट है। हालांकि, इस रैली को लेकर कुछ चुनौतियां भी सामने आई हैं। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने राहुल गांधी से अपील की है कि त्योहारों के सीजन में व्यापार प्रभावित हो सकता है, इसलिए इस कार्यक्रम को स्थगित किया जाए।
मामला अब केवल सड़कों तक सीमित नहीं है, बल्कि कानूनी और राजनीतिक मोड़ भी ले चुका है। पंजाब विधानसभा ने 23 अक्टूबर को चुनावी अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया था। साथ ही, SIR प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी कानूनी चुनौतियां दी गई हैं।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने दबाव के बीच 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 'स्पेशल समरी रिविजन' (SSR) की घोषणा की है, ताकि बिना किसी सख्त दस्तावेजी बाधा के मतदाता सूचियों को अपडेट किया जा सके। इसके बावजूद, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर आयोग की ओर से अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।