इंडिया ब्लॉक की रैली से बढ़ा दिल्ली का व्यापार, बीजेपी का नैरेटिव फेल: जयराम रमेश
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने दावा किया कि इंडिया ब्लॉक की रैली से दिल्ली के व्यापारियों को फायदा हुआ और बीजेपी का नैरेटिव फेल रहा।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने सोमवार को दावा किया कि इंडिया ब्लॉक द्वारा आयोजित हालिया रैली ने न केवल राजनीतिक संदेश दिया, बल्कि दिल्ली के स्थानीय व्यापार को भी जबरदस्त बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन ने बीजेपी के उस दावे की हवा निकाल दी है, जिसमें कहा गया था कि ऐसी रैलियों से आर्थिक नुकसान होता है और बाजार ठप हो जाते हैं।
दरअसल, रविवार को रामलीला मैदान में 'चलो दिल्ली' मार्च और 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली का आयोजन किया गया था। जयराम रमेश के अनुसार, बीजेपी ने व्यापारियों के बीच यह डर फैलाया था कि इस रैली की वजह से बाजार बंद हो जाएंगे और उन्हें वित्तीय नुकसान होगा। बीजेपी का मकसद इस डर के जरिए लोगों को रैली में आने से रोकना और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जवाबदेही से बचाना था।
स्थानीय बाजारों में बढ़ी रौनक
जयराम रमेश ने बताया कि बीजेपी की आशंकाओं के उलट, देश भर से आए प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने स्थानीय व्यवसायों की मदद की। बड़ी संख्या में लोग पुरानी दिल्ली के बाजारों में खरीदारी करते नजर आए, जिससे छोटे विक्रेताओं और दुकानदारों की कमाई बढ़ी। उन्होंने कहा कि यह राहुल गांधी की उस अपील का नतीजा है, जिसमें समर्थकों से स्थानीय बाजारों से खरीदारी करने को कहा गया था ताकि यह साबित हो सके कि लोकतांत्रिक विरोध और व्यापार एक साथ चल सकते हैं।
बता दें कि इंडिया ब्लॉक ने यह विरोध प्रदर्शन चुनावी अनियमितताओं और मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) को लेकर अपनी चिंताएं जताने के लिए किया था। हालांकि, बीजेपी नेता संबित पात्रा ने इस आयोजन को एक 'सोची-समझी साजिश' करार दिया था और दावा किया था कि रामलीला मैदान का एक बड़ा हिस्सा खाली था। लेकिन जयराम रमेश ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि जनता की प्रतिक्रिया ने सत्ताधारी दल के झूठ को बेनकाब कर दिया है। इस पूरे आयोजन के दौरान दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था की कमान संभाली थी।