CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन करेगा 'सार्वजनिक महाभियोग', खड़गे आवास पर जुटेगा विपक्ष
INDIA गठबंधन 30 अक्टूबर को मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सार्वजनिक महाभियोग आयोजित करेगा।

देश की राजनीति में एक नया मोड़ आया है, जहां विपक्षी गठबंधन INDIA ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गठबंधन ने 30 अक्टूबर 2026 को दोपहर 3:30 बजे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के 10 राजजी मार्ग स्थित आवास पर एक 'सार्वजनिक महाभियोग' (Public Impeachment) कार्यक्रम आयोजित करने का ऐलान किया है। यह कदम चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए उठाया गया है।
दरअसल, यह पूरा विवाद तब गहराया जब विपक्षी गठबंधन को उनके द्वारा प्रस्तावित 'मॉक पार्लियामेंट' के लिए जगह नहीं मिली। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि अशोका होटल ने पहले अनुमति दी थी, लेकिन दिल्ली पुलिस के हस्तक्षेप के बाद उसे वापस ले लिया गया। इसके बाद जब गठबंधन ने रामलीला मैदान का विकल्प चुना, तो वहां भी पुलिस प्रशासन ने अड़ंगा डाला, जबकि कांग्रेस का दावा था कि उन्होंने 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक की बुकिंग की थी। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने किसी निजी होटल के कामकाज में दखल नहीं दिया और 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली रैली को रद्द नहीं किया है, बशर्ते वहां कोई भड़काऊ भाषण न दिया जाए।
विपक्ष का आरोप: 'केंद्र की कठपुतली' बन गए चुनाव आयुक्त
के.सी. वेणुगोपाल ने केंद्र सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की 'कठपुतली' करार देते हुए कहा कि जब तक उन्हें हटाया नहीं जाता, गठबंधन चैन से नहीं बैठेगा। विपक्षी दलों का मुख्य विरोध मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) में हुई कथित अनियमितताओं और पक्षपातपूर्ण रवैये को लेकर है।
कानूनी तौर पर किसी मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाना बेहद जटिल प्रक्रिया है, जो सुप्रीम कोर्ट के जज को हटाने जैसी होती है। इसके लिए संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत से प्रस्ताव पारित होना और फिर राष्ट्रपति की मंजूरी मिलना जरूरी है। इस मामले पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई औपचारिक महाभियोग प्रस्ताव आता है, तो उसकी जांच तय नियमों के तहत की जाएगी।
बता दें कि 30 अक्टूबर के इस प्रतीकात्मक कार्यक्रम के बाद, INDIA गठबंधन 1 नवंबर को रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली करने जा रहा है, जिसमें 'वोट चोरी' और चुनावी प्रक्रिया में धांधली जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।