CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन का 'सार्वजनिक महाभियोग', दिल्ली में जुटेगा विपक्ष

विपक्षी INDIA गठबंधन दिल्ली में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक महाभियोग चलाने जा रहा है। जानें क्या है पूरा मामला।

Kittu Kumari29 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन का 'सार्वजनिक महाभियोग', दिल्ली में जुटेगा विपक्ष

देश की राजनीति में एक बार फिर उबाल आने वाला है। विपक्षी INDIA गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में एक प्रतीकात्मक 'सार्वजनिक महाभियोग' (Public Impeachment) चलाने का फैसला किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस बड़े कदम की घोषणा करते हुए बताया कि शुक्रवार दोपहर 3:30 बजे उनके आधिकारिक निवास (10, राजाजी मार्ग) पर यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

विपक्ष का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त का कामकाज निष्पक्ष नहीं है और उन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का प्रभाव है, जिससे लोकतांत्रिक मानदंडों को नुकसान पहुँच रहा है। दिलचस्प बात यह है कि इस कार्यक्रम के लिए अशोक होटल और रामलीला मैदान जैसी जगहों की अनुमति मांगी गई थी, लेकिन उन्हें खारिज कर दिया गया, जिसके बाद अब इसे खड़गे के आवास पर करने का निर्णय लिया गया है।

संसदीय तरीके से चलेगा विरोध का कार्यक्रम

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इस पूरे आयोजन को बिल्कुल संसदीय कार्यवाही की तरह डिजाइन किया गया है। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार इसकी अध्यक्षता करेंगी। कार्यक्रम की शुरुआत मल्लिकार्जुन खड़गे महाभियोग प्रस्ताव पेश करके करेंगे, जबकि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समापन भाषण देंगे। इस विरोध प्रदर्शन में INDIA गठबंधन के तमाम बड़े नेता, नागरिक समाज के सदस्य और वे लोग शामिल होंगे जो चुनाव आयोग के मतदाता सूची संशोधन से प्रभावित हुए हैं।

यह पूरा घटनाक्रम 1 नवंबर 2026 को होने वाले बड़े 'दिल्ली चलो' मार्च और रामलीला मैदान की रैली की एक तैयारी माना जा रहा है। इस बीच, मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर सरकार को अपने कामकाज पर भरोसा है, तो वह संसद भंग कर पारंपरिक बैलेट पेपर के जरिए दोबारा चुनाव कराए।

के.सी. वेणुगोपाल, जयराम रमेश और डेरेक ओ'ब्रायन जैसे वरिष्ठ नेताओं ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विरोध की आवाज़ को दबाने के लिए कार्यक्रम स्थल की अनुमति नहीं दी गई, जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। विपक्ष लगातार चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ियों और जिसे वे 'वोट चोरी' कह रहे हैं, उसके खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रहा है।

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