रामलीला मैदान में उमड़ा जनसैलाब: वोटर लिस्ट विवाद पर INDIA गठबंधन का 'ऐतिहासिक' प्रदर्शन

वोटर लिस्ट से नाम हटाने के खिलाफ रामलीला मैदान में उमड़ा जनसैलाब, CPI(M) और कांग्रेस सांसदों ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना।

Kittu Kumari1 November 20262 min read0 viewsDelhi Local
रामलीला मैदान में उमड़ा जनसैलाब: वोटर लिस्ट विवाद पर INDIA गठबंधन का 'ऐतिहासिक' प्रदर्शन

देश की राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को विपक्षी दलों का एक विशाल हुजूम उमड़ पड़ा। राहुल गांधी के आह्वान पर जुटे INDIA गठबंधन के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने इस भीड़ को देखते हुए इसे एक 'ऐतिहासिक विरोध' करार दिया है, जिसका असर आने वाले राजनीतिक घटनाक्रमों पर पड़ेगा।

सांसद जॉन ब्रिटास ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए राज्य प्रायोजित दमनकारी तरीके अपनाए गए। उन्होंने दावा किया कि कई कार्यकर्ताओं को ट्रेनों से उतारा गया और बॉर्डर पर रोका गया, लेकिन इसके बावजूद करीब 10 लाख लोग इस प्रदर्शन का हिस्सा बनने दिल्ली पहुंचे। ब्रिटास के मुताबिक, यह विरोध प्रदर्शन देश के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा।

वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और संस्थागत पक्षपात का आरोप

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इस प्रदर्शन में शामिल विभिन्न दलों के नेताओं ने चुनाव आयोग और सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया। समाजवादी पार्टी के सांसद नीरज मौर्य ने विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि करीब 13 करोड़ लोगों के वोट वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं, जो लोकतंत्र में जनता की सबसे बड़ी ताकत पर हमला है। वहीं, कांग्रेस सांसद जोतिमनी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए उनके इस्तीफे की मांग की और आरोप लगाया कि चुनावों में हेरफेर किया जा रहा है।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि राहुल गांधी की पुकार पर पूरा INDIA गठबंधन एकजुट होकर यहां पहुंचा है और इस आंदोलन ने अब एक बड़ी गति पकड़ ली है। CPI(M) सांसद वी. शिवदासन ने इसे जनता की एकता का प्रदर्शन बताया, जिसमें बुद्धिजीवियों और नागरिक संगठनों ने भी हिस्सा लिया है।

इस बड़े जमावड़े और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली पुलिस, CRPF, RAF और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के करीब 10,000 जवानों को तैनात किया गया था, ताकि मध्य दिल्ली और अन्य इलाकों में कानून-व्यवस्था बनी रहे।

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