वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप: इंडिया गठबंधन ने रामलीला मैदान में भरी हुंकार
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के खिलाफ इंडिया गठबंधन ने रामलीला मैदान में 'Save the Vote, Save the Country' रैली निकाली।

दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को विपक्षी दलों के गठबंधन 'INDIA' ने भारी भीड़ के साथ एक मेगा रैली आयोजित की। 'Save the Vote, Save the Country' के नारे के साथ आयोजित इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य चुनाव आयोग द्वारा वोटर लिस्ट के विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision) में हुई कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाना था। गठबंधन के नेताओं ने इसे केंद्र सरकार के लिए एक कड़ी चेतावनी करार दिया है।
इस बड़े प्रदर्शन में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी और तेजस्वी यादव जैसे दिग्गज नेता शामिल हुए। रैली की शुरुआत दोपहर में मिंटो रोड-कनॉट प्लेस जंक्शन से एक 'चलो दिल्ली' मार्च के रूप में हुई, जो बाद में रामलीला मैदान में जाकर समाप्त हुई। इससे पहले 31 अक्टूबर को मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक प्रतीकात्मक 'सार्वजनिक महाभियोग' की कार्यवाही भी की गई थी, जिसे हाथों के इशारे से पारित किया गया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और ट्रैफिक रूट में बदलाव
रैली की संवेदनशीलता और भीड़ को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक के लिए एनओसी जारी की थी, जिसमें कार्यक्रम को शाम 5 बजे तक खत्म करने की शर्त रखी गई थी। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्रों, किसानों और मजदूरों ने हिस्सा लिया, जिसके चलते दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक कई रूटों पर ट्रैफिक डायवर्जन करना पड़ा। यात्रियों को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले रास्तों से बचने की सलाह दी गई थी।
जहां एक तरफ कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस जैसे दल चुनाव आयोग पर दबाव बना रहे थे, वहीं दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी ने इस पूरे घटनाक्रम को 'सोची-समझी अराजकता' करार दिया। बीजेपी ने इसके जवाब में हरियाणा के रोहतक और फरीदाबाद जैसे शहरों में जवाबी मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया।