जंतर मंतर पर INDIA गठबंधन का हल्लाबोल, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर बुधवार को भारी पुलिस बल तैनात किया गया। यह सुरक्षा इंतजाम इसलिए किए गए क्योंकि INDIA गठबंधन के सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए वहां एकत्र होने वाले थे। यह पूरा विवाद चुनावी रोल के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) को लेकर है, जिस पर विपक्षी दल गंभीर सवाल उठा रहे हैं।
प्रदर्शन से पहले कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने विपक्षी सांसदों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त को एक पत्र लिखना था, जिसमें SIR के मुद्दों पर विपक्षी नेताओं के साथ तत्काल बैठक की मांग की गई है।
राहुल गांधी बोले- 'मुझे 100 FIR मंजूर, यह मेरे लिए मेडल है'
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जब उन्हें एक जगह विरोध करने से रोका गया, तो उन्होंने अपना विरोध जंतर मंतर तक ले जाने का फैसला किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना होगा। राहुल गांधी ने पुलिसिया कार्रवाई पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें FIR से डर नहीं लगता, बल्कि हर FIR उनके लिए एक मेडल की तरह है।
TMC सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने भी एकजुटता दिखाते हुए कहा कि सभी विपक्षी दल बिना किसी अहंकार के एक साथ खड़े हैं और वे इस लड़ाई को तब तक जारी रखेंगे जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं। वहीं, कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान को बचाने की यह लड़ाई जारी रहेगी और वे किसी भी तरह की धमकी या FIR से डरने वाले नहीं हैं।
विपक्ष का यह विरोध केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि कई राज्यों में समानांतर प्रदर्शन किए जा रहे हैं। कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं देते, यह आमने-सामने की जंग जारी रहेगी।
इसी बीच, आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं ने भी 'वोट चोरी' का आरोप लगाते हुए कश्मीरी गेट स्थित सिंधी एकेडमी से दिल्ली मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय की ओर मार्च निकाला, लेकिन पुलिस ने उन्हें बैरिकेड्स लगाकर रोक दिया। मंगलवार को भी विपक्षी दलों ने जोरदार प्रदर्शन किया था, जिसके दौरान राहुल गांधी को हिरासत में लिया गया था।