जंतर मंतर मार्च: पुलिस ने रोका रास्ता तो बस की छत पर चढ़ गए कांग्रेस सांसद

देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर सियासी पारा चढ़ गया है। चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने निकले INDIA गठबंधन के सांसद बुधवार को उस समय सुर्खियों में आ गए, जब पुलिस ने उनकी बसों को जंतर मंतर जाने से रोक दिया। इस बीच विरोध जताते हुए कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, दीपेंद्र सिंह हुड्डा, इमरान प्रतापग़री और इमरान मसूद बस की छत पर चढ़ गए और नारेबाजी करने लगे।
यह पूरा घटनाक्रम मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर हो रहा है। इस विरोध मार्च में राज्यसभा के विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ-साथ लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी मौजूद थे। सांसदों का काफिला सागर रत्ना होटल से निकला था, लेकिन पुलिस ने उन्हें जंतर मंतर या चुनाव आयोग के दफ्तर तक पहुँचने से रोक दिया।
संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों की बात
कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने बताया कि उनकी बसों को बीच रास्ते में ही रोक दिया गया है। वहीं, सांसद अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह मोदी सरकार का शासन है और उनकी पुलिस हमें रोकने की कोशिश कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार उनसे मिलने से क्यों कतरा रहे हैं।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा कि अमित शाह के अधीन दिल्ली पुलिस उन्हें राजधानी में कहीं भी विरोध प्रदर्शन नहीं करने दे रही है, इसलिए वे जंतर मंतर की ओर बढ़ रहे हैं, जो शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान है। उन्होंने इसे अनुच्छेद 19 के तहत मिला संवैधानिक अधिकार बताया।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि जब उन्हें अन्य जगहों पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली, तो उन्होंने जंतर मंतर जाने का फैसला किया। राहुल गांधी ने कड़े शब्दों में कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को इस्तीफा देना होगा और उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अपने ऊपर दर्ज होने वाली FIR से कोई डर नहीं है, बल्कि वे इसे एक पदक की तरह देखते हैं।
TMC सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने गठबंधन की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि सभी विपक्षी दल बिना किसी अहंकार के एक साथ मिलकर लड़ रहे हैं। गौरतलब है कि मंगलवार को भी विपक्षी दलों ने दिनभर प्रदर्शन किया था, जिसके बाद राहुल गांधी को हिरासत में लिया गया था। विपक्ष अब देश के विभिन्न राज्यों में समानांतर विरोध प्रदर्शन कर रहा है और उनका कहना है कि यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं दे देते।