इंडिया ब्लॉक का विरोध मार्च: दिल्ली पुलिस ने तैनात किए 3000 जवान, राहुल गांधी समेत कई सांसद हिरासत में

देश की राजधानी में आज उस वक्त तनाव बढ़ गया जब इंडिया (INDIA) गठबंधन के बैनर तले 19 विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इस विरोध मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए नई दिल्ली जिले में 3,000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया, ताकि स्थिति पर काबू पाया जा सके।
इस बार पुलिस की कार्रवाई में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधिकारियों को बॉडी कैमरों से लैस किया गया था। खास तौर पर सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) रैंक और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए बॉडी कैमरों का इस्तेमाल अनिवार्य किया गया था। यह कदम पिछले प्रदर्शनों के दौरान पुलिस पर लगे दुर्व्यवहार के आरोपों के बाद उठाया गया है, जिसमें कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन का मामला भी शामिल था।
चुनाव आयोग के खिलाफ सड़कों पर उतरे दिग्गज नेता
विपक्षी गठबंधन ने संसद भवन से चुनाव आयोग (ECI) के मुख्यालय तक मार्च निकाला। इस प्रदर्शन में मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अभिषेक बनर्जी जैसे बड़े राजनीतिक चेहरे शामिल हुए। विपक्षी दलों का मुख्य विरोध चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (Special Intensive Revision) को लेकर है। साथ ही, प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई।
प्रदर्शन के दौरान माहौल तब गरमा गया जब पुलिस ने राहुल गांधी समेत कई सांसदों को हिरासत में ले लिया। सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 लागू कर दी थी, जिसके तहत बड़े समूहों के इकट्ठा होने पर रोक लगाई गई थी।
बता दें कि चुनाव आयोग पर पक्षपात के गंभीर आरोप लग रहे हैं, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने भी संज्ञान लिया है। हालांकि, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची संशोधन को लेकर आंतरिक मतभेदों की खबरों को खारिज कर दिया है, लेकिन राजनीतिक माहौल अभी भी काफी तनावपूर्ण है। आने वाले दिनों में भी प्रदर्शन जारी रहने की उम्मीद है, क्योंकि 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी ने जंतर मंतर पर 'कॉल ऑफ द यूथ' विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है।