CEC के खिलाफ रणनीति बनाने दिल्ली में जुटे INDIA गठबंधन के नेता, खड़गे ने रखीं 3 बड़ी मांगें

Kittu Kumari7 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
CEC के खिलाफ रणनीति बनाने दिल्ली में जुटे INDIA गठबंधन के नेता, खड़गे ने रखीं 3 बड़ी मांगें

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच विपक्षी दलों ने अपनी रणनीति को और तेज कर दिया है। बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट में INDIA गठबंधन के सांसदों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें विपक्षी नेताओं ने एकजुट होकर सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोलने का फैसला किया है।

बैठक के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने गठबंधन की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि सभी नेता बिना किसी अहंकार के एक साथ आए हैं और वे इस बड़ी ताकत के खिलाफ तब तक लड़ेंगे जब तक वे सफल नहीं हो जाते।

विपक्ष की तीन गैर-परक्राम्य मांगें

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मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस बैठक के दौरान तीन ऐसी मांगें रखीं, जिन पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। विपक्ष की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:

  • मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें।
  • स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया को तुरंत रद्द किया जाए।
  • आने वाले चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की जगह बैलेट पेपर का इस्तेमाल हो।

खड़गे ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त स्वतंत्र रूप से काम करने के बजाय सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं। वहीं, बैठक में मौजूद वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने सरकार पर राजनीतिक विरोधियों को हिरासत में लेने का आरोप लगाया। विपक्ष अब अपनी आपत्तियों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के समक्ष रखने के लिए उनसे मुलाकात का समय मांग रहा है।

इस बैठक के दौरान दिल्ली पुलिस काफी अलर्ट मोड पर रही। रेस्टोरेंट के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी क्योंकि अंदेशा था कि सांसद वहां से चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च निकाल सकते हैं। गौरतलब है कि इससे पहले 6 अक्टूबर को भी INDIA गठबंधन ने चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर मार्च किया था, जिसमें राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश को लेकर कई नेताओं के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है।

दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट में भी CEC की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून को लेकर सुनवाई चल रही है, जहां एक याचिकाकर्ता ने जज के बेटे के चुनाव आयोग के वकील होने के कारण हितों के टकराव का मुद्दा उठाया है।

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