चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा INDIA गठबंधन

देश की राजनीति में एक बड़ा उबाल देखने को मिला है। चुनाव अनियमितताओं और वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के आरोपों को लेकर INDIA गठबंधन ने जोरदार प्रदर्शन किया। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खarge और प्रियंका गांधी वाड्रा जैसे दिग्गज नेताओं के नेतृत्व में विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया से सुप्रीम कोर्ट तक एक विशाल मार्च निकाला। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा मांगना था।
इस विरोध प्रदर्शन में केवल राजनीतिक दल ही नहीं, बल्कि SFI, AISA, KYS और इंडियन यूथ कांग्रेस जैसे छात्र संगठन भी शामिल थे। मार्च के दौरान राहुल गांधी ने इस पूरे मुद्दे को 'वोट चोरी' के खिलाफ लड़ाई करार दिया। उन्होंने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि करीब 200 सरकारी अधिकारी इन अनियमितताओं के संबंध में विपक्ष के संपर्क में हैं। वहीं, कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने स्पष्ट किया कि यह प्रतिनिधिमंडल सिद्धांतों के आधार पर सुप्रीम कोर्ट में अलग-अलग याचिकाएं दायर करने के लिए आगे बढ़ा है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और कानूनी लड़ाई
इस बड़े जमावड़े को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए थे। शहर के कई हिस्सों में बैरिकेडिंग की गई और सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक छह मेट्रो स्टेशनों को बंद रखा गया। हालांकि, भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने नेताओं से मिलने से इनकार कर दिया और उन्हें सलाह दी कि मामला पहले से ही विचाराधीन (sub-judice) है, इसलिए वे औपचारिक रूप से अपनी याचिकाएं दायर करें।
यह विरोध प्रदर्शन 10 और 11 अक्टूबर को हुए हंगामों के बाद आया, जिसमें नेहा बोरा और अभिजीत डिपके समेत हजारों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था। दूसरी ओर, इंडियन यूथ कांग्रेस ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति न मिलने के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिस पर कोर्ट ने मंगलवार तक पुलिस से जवाब मांगा है।
राजनीतिक माहौल इतना तनावपूर्ण है कि भाजपा ने भी इसके जवाब में कांग्रेस मुख्यालय की ओर एक जवाबी मार्च निकालने का ऐलान किया है। जहां कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने न्यायपालिका में विश्वास जताया, वहीं इमरान प्रतापगढ़ी ने केंद्र सरकार पर असहमति की आवाज दबाने का आरोप लगाया। इसी बीच, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने भी पुलिस के कथित दुर्व्यवहार के खिलाफ 13 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है।