चुनाव आयोग के खिलाफ सड़कों पर उतरा इंडिया गठबंधन, CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर चला मार्च

Kittu Kumari6 October 20262 min read0 viewsNational
चुनाव आयोग के खिलाफ सड़कों पर उतरा इंडिया गठबंधन, CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर चला मार्च

देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार को सियासी पारा उस समय चढ़ गया जब विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन के सांसद चुनाव आयोग के खिलाफ सड़कों पर उतर आए। निर्वाचन सदन की ओर कूच करने वाले इन नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और वोटर रजिस्ट्रेशन के फॉर्म 6 में किए गए कथित बदलावों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार और चुनाव मशीनरी पर तीखा हमला बोला।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इस पूरे मामले को लोकतंत्र के लिए एक बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि उनकी लड़ाई चुनाव आयोग से है, लेकिन जवाब हमेशा भाजपा की ओर से आते हैं। मसूद ने फॉर्म 6 में किए गए बदलावों का जिक्र करते हुए सुप्रीम कोर्ट की उस टिप्पणी को याद दिलाया जिसमें कहा गया था कि कोर्ट ने इन बदलावों को मंजूरी नहीं दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयुक्तों को कानूनी सुरक्षा देकर उन्हें जवाबदेही से बचाने की कोशिश की गई है। इमरान मसूद ने इसे देश के साथ विश्वासघात और एक गंभीर अपराध बताते हुए कहा कि चुनाव आयुक्त को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।

संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का दावा

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प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने भी मोर्चा संभाला। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सीधा आरोप लगाया कि वे प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के निर्देशों पर काम कर रहे हैं, जो संविधान और जनता के हितों के खिलाफ है। रवि ने जोर देकर कहा कि वोट देने का अधिकार एक मौलिक अधिकार है और इसकी रक्षा करना लोकतंत्र के अस्तित्व के लिए अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी पहले ही प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण मांग चुके हैं।

वहीं, समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने भाजपा के उन आरोपों को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर रहा है। यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा को यह कहने का कोई हक नहीं है, क्योंकि उन्होंने ही चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया से चीफ जस्टिस (CJI) को हटाकर अपने कैबिनेट मंत्री को शामिल किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस पार्टी ने कानून पास कराने के लिए 150 सांसदों को बाहर कर दिया, वह नैतिकता की बात कैसे कर सकती है।

इस विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। सेंट्रल दिल्ली के प्रमुख रास्तों और निर्वाचन सदन की ओर जाने वाली सड़कों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और कई लेयर के बैरिकेड्स लगाए गए ताकि प्रदर्शनकारी आयोग के दफ्तर तक न पहुंच सकें। विपक्षी नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे अपनी मांगों को मनवाने के लिए इस निर्णायक लड़ाई को जारी रखेंगे।

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