लोकतंत्र बचाने के लिए रामलीला मैदान में जुटेगा विपक्ष, अवधेश प्रसाद बोले- यह अधिकारों की लड़ाई है

समाजवादी पार्टी सांसद अवधेश प्रसाद ने रामलीला मैदान में होने वाली 'चलो दिल्ली' रैली को लोकतंत्र और वोटिंग अधिकारों की रक्षा का अभियान बताया।

Kittu Kumari1 November 20262 min read0 viewsDelhi Local
लोकतंत्र बचाने के लिए रामलीला मैदान में जुटेगा विपक्ष, अवधेश प्रसाद बोले- यह अधिकारों की लड़ाई है

नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आज, 1 नवंबर 2026 को विपक्षी गठबंधन द्वारा आयोजित इंडिया ब्लॉक चलो दिल्ली रैली का आयोजन किया जा रहा है। इस महा-रैली के जरिए विपक्ष सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करा रहा है। समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने इस आयोजन का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि इस रैली का मकसद किसी व्यक्ति या समूह को नुकसान पहुँचाना नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह लड़ाई डॉ. बी.आर. अंबेडकर द्वारा दिए गए वोटिंग अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए है।

मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग और सुरक्षा इंतजाम

यह रैली सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी, जिसमें मुख्य रूप से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। इंडिया गठबंधन ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision) के दौरान चुनाव आयोग ने बड़ी अनियमितताएं की हैं। इसी आधार पर गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की है। इस विरोध प्रदर्शन में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और मीरा कुमार जैसे दिग्गज नेता हिस्सा ले रहे हैं।

इतने बड़े स्तर के आयोजन और वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए दिल्ली प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। मौके पर करीब 10,000 पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है, साथ ही पूरी निगरानी के लिए 250 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

ट्रैफिक पुलिस ने भी इस रैली के मद्देनजर 10 प्रमुख स्थानों पर रूट डायवर्जन लागू किया है। जवाहरलाल नेहरू मार्ग, मिंटो रोड और बहादुर शाह जफर मार्ग सहित 11 मुख्य रास्तों पर ट्रैफिक प्रभावित रहेगा। हालांकि, प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि एलएनजेपी और जीबी पंत जैसे अस्पतालों तक पहुंचने के लिए इमरजेंसी कॉरिडोर खुले रहें ताकि मरीजों को कोई असुविधा न हो।

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