चुनाव आयोग के खिलाफ INDIA गठबंधन का 'चलो दिल्ली' मेगा मार्च, रामलीला मैदान में उमड़ी भीड़

वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर INDIA गठबंधन ने दिल्ली में 'चलो दिल्ली' मार्च निकाला। राहुल गांधी और अखिलेश यादव समेत कई बड़े नेता हुए शामिल।

Kittu Kumari1 November 20262 min read0 viewsDelhi Local
चुनाव आयोग के खिलाफ INDIA गठबंधन का 'चलो दिल्ली' मेगा मार्च, रामलीला मैदान में उमड़ी भीड़

वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्षी गठबंधन INDIA ने रविवार को राजधानी दिल्ली की सड़कों पर अपना दम दिखाया। 'चलो दिल्ली' मेगा मार्च के तहत हजारों की संख्या में समर्थक मिंटो रोड और कनॉट प्लेस जंक्शन पर जुटे, जहां से एक विशाल जुलूस रामलीला मैदान की ओर कूच किया। यह पूरा प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ था, जिन्हें मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) में अनियमितताओं का जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।

इस बड़े आंदोलन की शुरुआत सुबह 10 बजे से ही हो गई थी, जो शाम 5 बजे तक चला। इस मार्च में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी जैसे दिग्गज नेता शामिल हुए। सिर्फ राजनीतिक दल ही नहीं, बल्कि SFI और AISA जैसे छात्र संगठनों और नागरिक समाज के कार्यकर्ताओं ने भी इस प्रदर्शन में अपनी भागीदारी दर्ज कराई।

इस्तीफे की मांग और सुरक्षा के कड़े इंतजाम

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मंच से संबोधन के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दो टूक शब्दों में कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते। इससे पहले 31 अक्टूबर को गठबंधन ने एक 'सार्वजनिक महाभियोग' कार्यक्रम भी किया था, जिसमें CEC पर मतदाता हटाने और पक्षपात करने जैसे छह गंभीर आरोप लगाए गए थे। वहीं, राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे विरोध प्रदर्शन के साथ-साथ दिल्ली के स्थानीय व्यापारियों का भी ख्याल रखें ताकि उनके कारोबार में कोई बाधा न आए।

इस मेगा इवेंट को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। करीब 10,000 पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया था। रामलीला मैदान के लिए पुलिस ने एनओसी (NOC) दी थी, लेकिन भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आईटीओ, दिल्ली गेट और राजघाट जैसे इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया था।

दूसरी ओर, भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने इस मार्च की आलोचना करते हुए इसे अस्थिरता पैदा करने की कोशिश बताया। वहीं, चुनाव आयोग ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मतदाता सूचियों का विशेष गहन संशोधन एक मानक प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य मृत या फर्जी प्रविष्टियों को हटाकर लिस्ट को सटीक बनाना है।

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