CEC के 'पब्लिक इम्पीचमेंट' के लिए इंडिया गठबंधन की रणनीति तैयार, खड़गे के घर जुटे नेता
इंडिया गठबंधन के नेता खड़गे के आवास पर मिले। चुनाव आयोग के खिलाफ 'पब्लिक इम्पीचमेंट' कार्यक्रम की रणनीति तैयार की गई है।

विपक्षी दलों के गठबंधन 'इंडिया' (INDIA) ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ एक बड़ा मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है। मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर गठबंधन के दिग्गज नेताओं की एक अहम बैठक हुई। इस बैठक का मुख्य मकसद मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के 'पब्लिक इम्पीचमेंट' (सार्वजनिक महाभियोग) कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप देना था।
यह पूरा घटनाक्रम 30 अक्टूबर को दिल्ली के 10 राजाजी मार्ग पर आयोजित किया जाएगा। बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम को एक 'मॉक पार्लियामेंट' या 'मॉक कोर्ट' की तरह पेश किया जाएगा। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) में भारी अनियमितताएं बरती गई हैं, जिसे उजागर करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।
बैलेट पेपर की वापसी और कार्यक्रम की रूपरेखा
बैठक के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक बार फिर अपनी पुरानी मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जनता का भरोसा बहाल करने के लिए ईवीएम की जगह दोबारा बैलेट पेपर से चुनाव कराने की जरूरत है।
इस कार्यक्रम की तैयारी काफी बड़े स्तर पर की गई है, जिसमें निम्नलिखित बातें अहम हैं:
- उपस्थिति: इस कार्यक्रम में विपक्ष के करीब 150 से 200 सांसदों के शामिल होने की उम्मीद है।
- नेतृत्व: पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार इस पूरी कार्यवाही की अध्यक्षता करेंगी।
- मुख्य वक्ता: चर्चा की शुरुआत मल्लिकार्जुन खड़गे करेंगे, जबकि समापन भाषण लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी देंगे।
- समय और सेटअप: यह आयोजन दोपहर 3:30 से शाम 6:00 बजे तक चलेगा, जिसके लिए मल्टी-कैमरा सेटअप और अन्य बुनियादी इंतजाम किए गए हैं।
यह आयोजन 1 नवंबर को होने वाली इंडिया गठबंधन की संयुक्त रैली से पहले एक बड़ी तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। दूसरी ओर, भाजपा ने विपक्ष के इस कदम का जवाब देने के लिए 'सिटिज़न्स फॉर डेमोक्रेसी' के बैनर तले एक समानांतर 'सिटिज़न्स मॉक पार्लियामेंट' आयोजित करने का ऐलान किया है, हालांकि इसमें भाजपा के सांसदों के शामिल होने की उम्मीद नहीं है।
वहीं, इस पहल पर राजनीतिक हमले भी शुरू हो गए हैं। शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि जो पार्टी हाल के बैलेट आधारित MLC चुनावों में पिछड़ गई, वह अब 'वोट चोरी' की बात कर रही है।