मौसम विभाग का बड़ा अलर्ट: देश भर में भारी बारिश और तेज हवाओं का अनुमान, 17 अगस्त तक खराब रहेगा मौसम

IMD (India Meteorological Department) ने देश के कई राज्यों के लिए गंभीर मौसम की चेतावनी जारी की है। 11 और 12 अगस्त 2026 के लिए पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का Orange Alert जारी किया गया है। इसके अलावा, विभिन्न क्षेत्रों में 17 अगस्त 2026 तक व्यापक रूप से बारिश जारी रहने की संभावना है। IMD के अनुसार, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, विदर्भ, असम और मेघालय में 13 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान है। वहीं, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, माहे, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश में 13 अगस्त तक गरज और बिजली चमकने की गतिविधियां जारी रहने की उम्मीद है।
- पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट।
- हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, यूपी, बिहार, विदर्भ, असम और मेघालय में 13 अगस्त तक भारी बारिश की भविष्यवाणी।
- दिल्ली-NCR में भारी बारिश, आंधी और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना।
- बिहार में 11 अगस्त को वज्रपात (Lightning) से 9 लोगों की मौत और 8 घायल।
सक्रिय मानसून और राज्यों का हाल
उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र (Low-pressure area) और 12 अगस्त के आसपास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक अन्य कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना के कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय बना हुआ है। 12 अगस्त को पूर्वी राजस्थान में अत्यधिक भारी बारिश और 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अलर्ट है। इसी दिन दिल्ली-NCR में भारी बारिश, गरज और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। बिहार के पटना और विभिन्न जिलों में भारी आंधी के साथ 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, क्योंकि 11 अगस्त को हुई बिजली चमकने की घटनाओं में नौ लोगों की मौत हो गई और आठ लोग घायल हो गए। उत्तर प्रदेश में बारिश बढ़ने की तैयारी है, विशेष रूप से पूर्वी हिस्सों में, जबकि पश्चिम मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी।
संभावित व्यवधान और नुकसान की जानकारी
IMD ने जलभराव, स्थानीय बाढ़, भूस्खलन (Landslides), कम दृश्यता (Reduced visibility) और सड़क एवं रेल यातायात में बाधा जैसी महत्वपूर्ण व्यवधानों की चेतावनी दी है। निवासियों, विशेष रूप से मछुआरों और किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हाल की घटनाओं के प्रभाव को देखें तो हिमाचल प्रदेश में 259 सड़कें, 161 बिजली ट्रांसफार्मर और 54 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। इसके अलावा, 11 अगस्त को बादल फटने (Cloudburst) के कारण उत्तराखंड में मलबे से एक घाटी का पुल बह गया है।