IMD का अलर्ट: 23 राज्यों में मौसम का मिजाज बदला, कहीं ठंड तो कहीं भारी बारिश की चेतावनी

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के 23 राज्यों के लिए मौसम का बड़ा अलर्ट जारी किया है। 18 अक्टूबर 2026 को देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के बिल्कुल विपरीत रूप देखने को मिलेंगे। जहां उत्तर भारत में अब धीरे-धीरे ठंड की दस्तक होने लगी है, वहीं दक्षिण भारत में भारी बारिश और तेज हवाओं का कहर बरसने की आशंका है।
उत्तर भारत की बात करें तो दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में अब सुबह और शाम के समय तापमान में गिरावट महसूस की जा रही है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के बाद यहां मौसम शुष्क हो गया है। दिल्ली में 23 अक्टूबर तक आसमान साफ रहने की उम्मीद है, जहां अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 19 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
दक्षिण भारत में भारी बारिश और तूफान का खतरा
दूसरी ओर, दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून सक्रिय है, जिससे तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। तटीय आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी और कराइकल में भी जोरदार बारिश की संभावना है।
सिर्फ दक्षिण ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों में भी मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है:
- हिमाचल प्रदेश: मंडी, कुल्लू, चंबा और सोलन समेत कई जिलों में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बारिश का अनुमान है।
- झारखंड: रांची, जमशेदपुर और हजारीबाग जैसे इलाकों में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान और बारिश हो सकती है।
- मध्य प्रदेश: भोपाल, इंदौर और देवास सहित कई क्षेत्रों में भारी बारिश और 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और मध्य प्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण और अरब सागर से कोमोरिन क्षेत्र तक फैले कम दबाव के क्षेत्र के कारण मौसम में यह बदलाव आया है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 75-85 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिसके चलते मछुआरों को समुद्र तट से दूर रहने की सलाह दी गई है।
तापमान में अचानक आई इस गिरावट और बदलते मौसम के बीच डॉक्टरों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अनुमान है कि तूफान प्रभावित क्षेत्रों में तापमान 2-3 डिग्री तक गिर सकता है, जिससे सर्दी, खांसी और वायरल बुखार के मामले बढ़ सकते हैं।