IMD का बड़ा अलर्ट: देश के 21 राज्यों में भारी बारिश, तूफान और ओले गिरने की चेतावनी

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के एक बड़े हिस्से के लिए मौसम की गंभीर चेतावनी जारी की है। 11 अक्टूबर 2026 को भारत के 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश, तेज हवाओं और ओले गिरने की संभावना जताई गई है। मानसून की विदाई के बाद मौसम में आए इस अचानक बदलाव ने प्रशासन और आम जनता को सतर्क कर दिया है।
दिल्ली-NCR और उत्तर भारत का हाल
राजधानी दिल्ली और NCR के इलाकों में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। दोपहर या शाम के समय बिजली कड़कने के साथ तूफान आने की संभावना है, जहां हवाओं की रफ्तार 30-40 किमी प्रति घंटा तक रह सकती है और झोंके 50 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं। तापमान की बात करें तो न्यूनतम 21-23 डिग्री और अधिकतम 30-33 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
वहीं पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। यहां 12 अक्टूबर तक 40-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो कभी-कभी 60 किमी प्रति घंटा तक जा सकती हैं। बारिश का यह सिलसिला 16 अक्टूबर तक रुक-रुक कर जारी रहने की उम्मीद है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, गाजियाबाद, आगरा और मथुरा जैसे जिलों में भी तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी दी गई है।
पहाड़ी इलाकों जैसे उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बारिश के साथ-साथ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का खतरा है, जिसके चलते यात्रियों को बेहद सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
अन्य राज्यों में मौसम की स्थिति
- बिहार: पटना, गया और जहानाबाद सहित कई इलाकों में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट है।
- दक्षिण भारत: तमिलनाडु, केरल और लक्षद्वीप में 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। यहां कुछ हिस्सों में हवा की रफ्तार 70-75 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
- अन्य प्रभावित राज्य: राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, सिक्किम, मिजोरम और नागालैंड में भी मौसम खराब रहने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी वाली हवाएं इस मौसम तंत्र को प्रभावित कर रही हैं। IMD ने किसानों को सिंचाई और कटाई के काम स्थानीय मौसम के अनुसार करने की सलाह दी है, जबकि मछुआरों को समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है। यह बदलाव इस बात का भी संकेत है कि उत्तर भारत में अक्टूबर के तीसरे हफ्ते से ठंड का असर बढ़ना शुरू हो जाएगा।