IMD का अलर्ट: 17 राज्यों में बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी, महाराष्ट्र में गर्मी से मिलेगी राहत

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 अक्टूबर 2026 के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम के बदलते मिजाज का पूर्वानुमान जारी किया है। IMD के अनुसार, देश के करीब 17 राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। यह मौसम बदलाव कई राज्यों में तापमान को कम करेगा, जबकि कुछ हिस्सों में अभी भी गर्मी का असर बना रहेगा।
उत्तर भारत की बात करें तो जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और पश्चिम उत्तर प्रदेश में छिटपुट बारिश की संभावना है। वहीं, पूर्वोत्तर राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भी बौछारें पड़ सकती हैं। पूर्वी भारत के ओडिशा, झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल में बिजली कड़कने के साथ बारिश का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है।
दिल्ली-NCR में तेज हवाएं और महाराष्ट्र में हीटवेव का हाल
राजधानी दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के लिए मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है। यहाँ 11 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ बारिश और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। दिल्ली-NCR में आसमान में बादल छाए रहेंगे और अधिकतम तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। बता दें कि इस क्षेत्र में हाल ही में 70 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चली थीं।
दूसरी ओर, महाराष्ट्र के मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन और कोंकण बेल्ट में हीटवेव का अलर्ट 12 अक्टूबर तक प्रभावी है। मुंबई, ठाणे और रायगढ़ में उमस और गर्मी बनी हुई है, जबकि रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, कोल्हापुर, सतारा और सांगली जैसे तटीय और दक्षिणी जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। हालांकि, IMD का मानना है कि 11 और 12 अक्टूबर तक स्थितियां सामान्य होने लगेंगी और अलर्ट 'ग्रीन' (नो-एक्शन) में बदल जाएगा। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान 14 अक्टूबर तक बढ़ा रह सकता है, जिससे खाद्य महंगाई पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है।
मानसून की विदाई की बात करें तो झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब अपने अंतिम चरण में है। रांची मौसम केंद्र के निदेशक बाबूराज पीपी के मुताबिक, अगले तीन-चार दिनों में राज्य के शेष हिस्सों से मानसून विदा हो जाएगा। IMD का अनुमान है कि 15 अक्टूबर 2026 तक पूरे देश से मानसून पूरी तरह वापस चला जाएगा। इसके अलावा, 13 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है, जिससे ओडिशा में फिर से बारिश हो सकती है।