IMD का बड़ा अलर्ट: दिल्ली-NCR और बिहार समेत 12 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 10 अगस्त 2026 के लिए गंभीर मौसम का अलर्ट जारी किया है। देश भर में सक्रिय मानसून सिस्टम के तेज होने के कारण कम से कम 12 भारतीय राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। इस दौरान दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश होने की संभावना है।
- 12 भारतीय राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी।
- दिल्ली-NCR में मध्यम बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक का अनुमान।
- उत्तराखंड में भारी बारिश और भूस्खलन को लेकर 'Orange Alert'।
- किसानों और आम जनता के लिए IMD ने जारी की जरूरी एडवाइजरी।
विभिन्न राज्यों के लिए मौसम का पूर्वानुमान
विस्तृत पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली-NCR में आमतौर पर बादल छाए रहने, मध्यम बारिश, 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। हरियाणा और चंडीगढ़ के लिए IMD की भारी बारिश की चेतावनी 11 अगस्त तक बढ़ा दी गई है। उत्तर प्रदेश के 14 जिलों (विशेषकर पूर्वी हिस्सों) में भारी बारिश और आंधी-तूफान के लिए Yellow Alert जारी किया गया है। बिहार में भी भारी बारिश का येलो अलर्ट है, जहां 13 अगस्त से बारिश की गतिविधि बढ़ने की उम्मीद है।
अन्य क्षेत्रों का हाल और चेतावनी
पूर्वी राजस्थान में बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश और आंधी-तूफान के लिए 'Orange Alert' जारी किया गया है, जिसमें संभावित भूस्खलन और अचानक बाढ़ की चेतावनी दी गई है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और मध्य भारत के राज्यों जैसे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के लिए भी ऐसे ही भारी बारिश के चेतावनी दी गई है। पश्चिम बंगाल और ओडिशा सहित पूर्वोत्तर राज्यों और पूर्वी भारत में भी 13 अगस्त से व्यापक बारिश तेज होने वाली है (Source Link)।
IMD की जनता और किसानों के लिए सलाह
गंभीर मौसम के मद्देनजर, IMD ने किसानों को आंधी-तूफान के दौरान खुले खेतों, पेड़ों और बिजली लाइनों से दूर रहने की सलाह दी है। आम जनता से आग्रह किया गया है कि वे जलभराव वाले रास्तों से बचें, गैर-जरूरी यात्रा सीमित करें और बिजली चमकने के दौरान घर के अंदर ही रहें। यात्रियों को फिसलन भरे रास्तों और कम विजिबिलिटी को लेकर सतर्क रहना चाहिए। स्कूलों की छुट्टियों से जुड़े फैसले स्थानीय जिला प्रशासन द्वारा लिए जा रहे हैं।