IMD का बड़ा अलर्ट: दिल्ली-NCR और 15 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी

दिल्ली-NCR और देश के 15 से ज्यादा राज्यों में 3 अगस्त 2026 से भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस संबंध में चेतावनी जारी की है। देश भर में मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने के कारण यह अलर्ट जारी किया गया है। IMD के अनुसार, यह भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट कई क्षेत्रों में 8 अगस्त 2026 तक जारी रहने की संभावना है। इसके अलावा, 4 अगस्त 2026 से उत्तर पश्चिम भारत में एक नया Western Disturbance भी सक्रिय होने की उम्मीद है, जिसकी विस्तृत जानकारी IMD की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई है।
इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
अरुणाचल प्रदेश, बिहार और सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश की भविष्यवाणी की गई है। इसके अलावा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, तटीय कर्नाटक, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद, झारखंड, केरल और माहे, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, ओडिशा, पंजाब, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु पुडुचेरी और कराईकल, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अधिकारियों ने दिल्ली-NCR जैसे शहरी इलाकों में स्थानीय बाढ़, जलभराव और ट्रैफिक जाम की आशंका के चलते लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, जहां आसमान में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश के लखनऊ और मेरठ सहित कई जिलों में भी भारी बारिश का अलर्ट है।
तेज हवाएं और भूस्खलन का खतरा
3 अगस्त से अगले 15 घंटों के लिए 22 राज्यों में 70 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की उम्मीद है, जबकि राजस्थान और बिहार जैसे क्षेत्रों में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं दर्ज की गई हैं। शिमला, कुल्लू और मनाली जैसे पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण Landslides का खतरा बढ़ गया है, और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है। बिहार में 3 अगस्त से 8 अगस्त तक भारी बारिश और आंधी-तूफान की भविष्यवाणी की गई है, जिसमें गोपालगंज और पश्चिम चंपारण जैसे जिले विशेष रूप से शामिल हैं। केरल में 4 अगस्त तक गंभीर आंधी और भारी बारिश की चेतावनी जारी है, जिससे कुछ इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं।