IMD Weather Alert: दिल्ली में हल्की बारिश का अनुमान, देश के 19 राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का Orange-Yellow Alert जारी

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 12 अगस्त 2026 के लिए मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है। इसके मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम
दिल्ली में 12 अगस्त 2026 को आमतौर पर बादल छाए रहने और दोपहर व शाम के समय हल्की से बहुत हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। राजधानी में तापमान अधिकतम 34 से 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है, जिसमें न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रहने का अनुमान है। सुबह के समय दक्षिण-पूर्व दिशा से 12 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक सतही हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा, दिल्ली के साथ-साथ हरियाणा और चंडीगढ़ में भी 14-15 अगस्त को बारिश होने की उम्मीद है (Source)।
देशभर में मानसूनी गतिविधियों का हाल
पूरे भारत में, IMD को 17 अगस्त तक मध्य, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में व्यापक वर्षा गतिविधि की उम्मीद है। उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से 12 अगस्त को पूर्वी राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसी समय के आसपास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक और कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है, जिससे 12-13 अगस्त के दौरान ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी। मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति के दक्षिण में स्थित है (Source)।
राज्यों के लिए चेतावनी और संभावित प्रभाव
दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार सहित 19 राज्यों के लिए 90 किमी/घंटा तक की हवा की गति के साथ भारी बारिश और आंधी का चेतावनी जारी की गई है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, और 12 अगस्त तक हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में फ्लैश फ्लड का निम्न से मध्यम जोखिम है। बिहार में 13 अगस्त तक आंधी, बिजली और तेज हवाओं के लिए Yellow Alert है, जो 12 अगस्त को विशेष रूप से उत्तर बिहार और सीमांचल की ओर स्थानांतरित हो रहा है।
अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय सहित पूर्वोत्तर भारतीय राज्यों में भी 12-17 अगस्त के दौरान काफी व्यापक से व्यापक वर्षा, आंधी और बिजली गिरने की उम्मीद है। IMD ने संवेदनशील क्षेत्रों में संभावित जलभराव, बाढ़, भूस्खलन, कम दृश्यता और सड़क व रेल यातायात में व्यवधान की चेतावनी दी है, और मछुआरों को खराब मौसम के बारे में सलाह दी है (Source)।